Expose Now Exclusive: नीट घोटाले का ‘पारिवारिक बिजनेस’, 25 लाख में खरीदे पेपर से 5 भाई-बहन बने डॉक्टर!

NEET Paper Leak

-फेलियर से ‘फर्जी’ टॉपर: 12वीं में ग्रेस मार्क्स, पर NEET में सरकारी सीट की डील

यह ‘Expose Now’ के लिए एक सनसनीखेज और तथ्यात्मक खोजी रिपोर्ट (Investigative Report) है। इसमें आपके द्वारा दी गई नई इमेज के चौंकाने वाले खुलासों (5 भाई-बहनों का चयन, CBI की कार्रवाई और करोड़ों का लेन-देन) को शामिल किया गया है।

जयपुर/दिल्ली। शिक्षा जगत के सबसे बड़े ‘कैंसर’ यानी पेपर लीक ने अब सारी हदें पार कर दी हैं। ‘Expose Now’ की विशेष पड़ताल में सामने आया है कि कैसे एक ही परिवार के 5 सदस्यों ने मेहनत के दम पर नहीं, बल्कि 25 लाख की रिश्वत और लीक प्रश्नपत्र के दम पर देश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जगह बना ली। CBI की गिरफ्त में आए आरोपियों ने जो खुलासे किए हैं, वे ईमानदार अभ्यर्थियों और उनके माता-पिता की रूह कंपा देने वाले हैं। संगठित माफिया ने कैसे प्रदेश के 40 लाख युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट लिया है। पिछले 14 सालों में 26 बड़ी परीक्षाओं का रद्द होना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि व्यवस्था की मिलीभगत का सबसे बड़ा सबूत है।

‘Expose Now’ इन्वेस्टिगेशन: औसत छात्र और ‘टॉप’ का नतीजा:-

CBI की जांच और ‘Expose Now’ की पड़ताल के अनुसार, जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी विकास बिवाल ने पिछले साल और इस बार भी गुरुग्राम के यश यादव से नीट का पेपर खरीदा था। चौंकाने वाली बात यह है कि विकास और उसके चार भाई-बहनों (प्रगति, गुंजन, सानिया और पलक) का एकेडमिक रिकॉर्ड बेहद सामान्य था। विकास के 12वीं में मात्र 55% अंक और NEET-24 में सिर्फ 270 नंबर। लेकिन पेपर मिलते ही सवाई माधोपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला। विकास का चचेरा भाई ऋषि, जो 12वीं में ग्रेस मार्क्स (कृपांक) से पास हुआ, उसके लिए भी इस बार पेपर खरीदा गया था।

डील का खेल, 25 लाख और 5 करियर:-

यश यादव और विकास की दोस्ती सीकर की एक कोचिंग में हुई थी। डील 25 लाख रुपये में तय हुई। परीक्षा से 3 दिन पहले ही आरोपियों को पेपर मिल गया था। 14 मई 2025 को जब रिजल्ट आया, तो पूरा परिवार ‘डॉक्टर’ बनने की कतार में था। अगर CBI ने समय रहते इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ नहीं किया होता, तो इस बार भी ग्रेस मार्क्स से पास होने वाला छात्र सरकारी डॉक्टर बनने की राह पर होता।

CBI का एक्शन, 7 दिन की रिमांड और करोड़ों के सबूत:-

गुरुवार को CBI ने दिल्ली की विशेष अदालत में आरोपियों को पेश किया, जहां से उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जमवारामगढ़ में दिनेश बिवाल के आवास पर जब टीम पहुंची, तो परिजनों ने दरवाजे बंद कर लिए, जिसके बाद टीम को पड़ोस की छत से घर में दाखिल होना पड़ा। घर और फार्म हाउस से संदिग्ध बैंकिंग दस्तावेज, नीट सीरीज के पेपर, चेक बुक, पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं। आरोपी के फार्म हाउस पर खड़ी दो लग्जरी गाड़ियों की भी जांच की जा रही है, जो पेपर लीक की काली कमाई से खरीदी गई बताई जा रही हैं।

दिनेश बिवाल

Expose Now का तीखा सवाल:-

यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि उस सड़ी-गली व्यवस्था का आईना है जहां ‘पैसा’ टैलेंट पर भारी पड़ रहा है।

-क्या उन 5 भाई-बहनों की डिग्री रद्द होगी जिन्होंने चोरी से दाखिला लिया?

-यश यादव जैसे ‘सप्लायर’ के पीछे कौन से बड़े सफेदपोश चेहरे हैं?

-क्या अब भी हम NEET जैसी परीक्षाओं की शुचिता पर भरोसा कर सकते हैं?

बने रहिए ‘Expose Now’ के साथ, हम इस घोटाले की हर परत उधेड़ते रहेंगे।

संसद से सड़क तक इंसाफ की पुकार:-

केंद्र सरकार ने ‘सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024’ लागू कर 10 साल की सजा का प्रावधान तो किया है, लेकिन ‘Expose Now’ का सवाल है—क्या यह काफी है? जब आधा दर्जन ‘वांटेड’ सरगना अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, तो क्या गारंटी है कि अगली परीक्षा लीक नहीं होगी?

ब्यूरो रिपोर्ट: ‘Expose Now’ इन्वेस्टिगेशन टीम

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