Rajasthan Home Guard Recruitment: 4 लाख में नौकरी का आरोप, CMO के हस्तक्षेप के बाद जांच कमेटी गठित

जयपुर | राजस्थान में होमगार्ड के 3,842 पदों पर होने वाली भर्ती भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के कारण संदेह के घेरे में आ गई है। अभ्यर्थियों से भर्ती के बदले चार लाख रुपए तक की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिसके बाद मामला सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक पहुंच गया है।

उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन

भ्रष्टाचार के इन आरोपों की जांच के लिए गृह विभाग ने संयुक्त सचिव अंजलि राजोरिया की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। गृह विभाग की उपसचिव सोविला माथुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस कमेटी में निम्नलिखित सदस्यों को शामिल किया गया है:

  • अंजलि राजोरिया: संयुक्त सचिव, गृह विभाग (अध्यक्ष)।
  • मनोज कुमार: पुलिस उप महानिरीक्षक, भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड (सदस्य)।
  • उमेंद्र गोयल: वरिष्ठ संयुक्त विधि सलाहकार, गृह विभाग (सदस्य)।

यह कमेटी होमगार्ड नामांकन प्रक्रिया में नियमों की पालना और प्राप्त शिकायतों की गहनता से जांच करेगी। कमेटी को उत्तरदायित्व निर्धारित कर अपनी सिफारिशों सहित 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

पुराना है भ्रष्टाचार का नाता

होमगार्ड विभाग में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले ड्यूटी आवंटन और हटाने के मामले में भी दो अधिकारियों को हाल ही में ट्रैप किया गया था। इसके अलावा, एक उच्च अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति की शिकायत भी गृह विभाग तक पहुंची थी, जिसे जांच के लिए होमगार्ड महानिदेशक को भेजा गया है। गौरतलब है कि 3,842 पदों की यह भर्ती वर्ष 2022 की है, जो पहले अदालती स्टे के कारण अटकी हुई थी।

गृह रक्षा कल्याण निधि में भी बड़ा खेल

जांच के दौरान 137 करोड़ रुपए की ‘गृह रक्षा कल्याण निधि’ में भी भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। यह निधि होमगार्ड्स की सेवाओं के बदले मिलने वाली अतिरिक्त 10 प्रतिशत राशि से बनती है, जिसका लाभ केवल होमगार्ड्स को मिलना चाहिए।

  • नियमों का उल्लंघन: विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों और वहां पदस्थापित पुलिस के उच्चाधिकारियों तक को इस निधि का सदस्य बना लिया गया।
  • गलत खर्च: इस राशि का उपयोग उच्चाधिकारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, जिम बनवाने और यहां तक कि रिटायरमेंट पार्टियों तक पर किया गया।

मामले का पर्दाफाश होने के बाद, विभाग ने अब इस राशि के खर्च को केवल होमगार्ड कल्याण तक सीमित कर दिया है और शेष राशि राजकोष में जमा करवा दी है।

Share This Article
Leave a Comment