पीएम कुसुम योजना के तहत राजस्थान का अब तक का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र जयपुर जिला विद्युत सर्किल (उत्तर) के ताला गाँव (कुंडा की ढाणी) में स्थापित किया गया है। लगभग 4.9 मेगावाट क्षमता वाला यह संयंत्र अजमेर डिस्कॉम के 4.84 मेगावाट के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए प्रदेश का सबसे बड़ा प्लांट बन गया है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
करीब 24 बीघा भूमि में फैले इस प्लांट से लगभग 437 कृषि उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इस संयंत्र से प्रतिदिन औसतन 25 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिना किसी रुकावट के बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
प्रदेश में सौर ऊर्जा की स्थिति
राजस्थान में पीएम कुसुम योजना के तहत अब तक 1,819 संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 4,027 मेगावाट है। यह प्रगति राज्य को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘स्मार्ट ग्रिड’ और बैटरी स्टोरेज की तैयारी
ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सुधार के लिए अब राज्य सरकार ‘स्मार्ट ग्रिड’ पर काम कर रही है।
- बैटरी स्टोरेज: दिन में उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा को स्टोर करने के लिए ग्रिड सब-स्टेशन पर बैटरी सिस्टम लगाने की योजना है।
- पायलट प्रोजेक्ट: इसके लिए 70 से 80 जीएसएस (GSS) को चिन्हित किया गया है, जहाँ पीक आवर्स में बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
- तकनीकी सहयोग: इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के सहयोग से डिस्कॉम को डिजिटल और आधुनिक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
