अवैध आधार सेंटर मामले में सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर: प्रोग्रामर सहित 3 आरोपी 2 मई तक रिमांड पर

हनुमानगढ़ जिले के भादरा कस्बे में फर्जी बायोमेट्रिक के जरिए आधार कार्ड बनाने के मामले में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DOIT) के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है। भिरानी थाना पुलिस ने इस मामले में विभाग के दो अधिकारियों और एक संविदाकर्मी को गिरफ्तार किया है।

सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी और रिमांड

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डीओआईटी के प्रोग्रामर दिनेश कुमार (निवासी हनुमानगढ़ जंक्शन), सहायक प्रोग्रामर रामनिवास सोनी (निवासी अनूपशहर, भादरा) और संविदाकर्मी आर-स्वान इंजीनियर रवि शीला (निवासी चनाण, भादरा) को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

अवैध सेंटर पर छापेमारी से हुआ था खुलासा

यह मामला तब सामने आया जब 17 अप्रैल को एटीएस (ATS) जयपुर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने भादरा कस्बे में एक अवैध आधार सेंटर पर छापा मारा था। उस दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप शर्मा को लैपटॉप, प्रिंटर और बायोमेट्रिक उपकरणों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ीं, सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई।

साइबर क्राइम और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की आशंका

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह फर्जी तरीके से आधार कार्ड तैयार कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग:

  • फर्जी सिम कार्ड जारी करने में।
  • साइबर अपराधों को अंजाम देने में।
  • अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में किया जा रहा था।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई है जो गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

अब तक 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई में अब तक कुल 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले पकड़े गए 4 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। पुलिस अब यूआईडीएआई (UIDAI) के साथ समन्वय स्थापित कर यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं और उनका उपयोग कहां-कहां किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं।

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