सरकारी जमीन का ‘महाघोटाला’: रसूखदारों ने मिलीभगत कर काट दी निजी कॉलोनी, 10 करोड़ की भूमि खुर्द-बुर्द

जयपुर जिले की गोविंदगढ़ पंचायत समिति के हस्तेड़ा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे भू-माफिया और जन-प्रतिनिधियों के गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है। यहाँ मुख्य सड़क पर स्थित करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की बेशकीमती सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निजी कॉलोनी काट दी गई।

एसडीएम चौमूं और जिला परिषद सीईओ की संयुक्त जांच रिपोर्ट में इस पूरे खेल का खुलासा हुआ है, जिसमें दो पूर्व सरपंचों, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और पूरी पंचायत कोरम को दोषी पाया गया है।

एनओसी (NOC) का खेल: स्याही बदली और बदल गई जमीन की किस्मत

जांच में सामने आया कि इस भ्रष्टाचार की नींव साल 2014 में ही रख दी गई थी। तत्कालीन सरपंच भगवती देवी ने खसरा नंबर 541, 542 और 543 की सरकारी भूमि के लिए एक व्यक्ति को एनओसी जारी की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि पंचायत की बैठक समाप्त होने के बाद ‘अलग स्याही’ से रजिस्टर में एंट्री की गई, जो साफ तौर पर रिकॉर्ड में हेराफेरी की ओर इशारा करती है।

ड्रोन सर्वे को भी किया गुमराह

भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए पंचायत प्रशासन ने बेहद शातिर चाल चली। राज्य सरकार की ‘स्वामित्व योजना’ के तहत जब गांव का ड्रोन सर्वे हुआ, तो जानबूझकर इस विवादित भूमि को सर्वे की परिधि से बाहर रखा गया। मकसद साफ था—ताकि सरकारी रिकॉर्ड और नक्शों में इसकी हेराफेरी पकड़ी न जा सके।

जांच रिपोर्ट में ये पाए गए ‘दोषी’

जांच कमेटी ने माना है कि सरकारी जमीन को निजी स्वार्थ के लिए खुर्द-बुर्द करना एक गंभीर अपराध है। रिपोर्ट के अनुसार निम्नलिखित पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है:

  • पूर्व सरपंच: भगवती देवी (कार्यकाल 2014)
  • पूर्व सरपंच: काजोड़मल यादव (कार्यकाल 2021)
  • VDO: धनराज जोशी
  • पंचायत कोरम: 11 वार्ड पंच (जिन्होंने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए)

कानूनी पक्ष: अधिवक्ता स्वदेश राठौड़ के अनुसार, ग्राम पंचायत को केवल आबादी भूमि के पट्टे जारी करने का अधिकार है। किसी भी सरकारी या आरक्षित भूमि के लिए एनओसी या स्वामित्व प्रमाण पत्र जारी करना पंचायत के क्षेत्राधिकार से बाहर है। ऐसी एनओसी शून्य मानी जाती है।

फैक्ट फाइल: घोटाले का गणित

  • जमीन का रकबा: करीब 1.5 बीघा (तीन अलग-अलग खसरे)
  • बाजार मूल्य: लगभग 10 करोड़ रुपये।
  • वर्तमान स्थिति: जिस जमीन पर एनओसी जारी की गई, वहां वर्तमान में प्लॉट काटकर बेचे जा चुके हैं।

अधिकारी का कथन:

“हस्तेड़ा पंचायत के इस प्रकरण में जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए पंचायती राज विभाग को भेज दिया गया है।” — डॉ. प्रतिभा वर्मा, सीईओ, जिला परिषद जयपुर


👇 हमारी मुहिम से जुड़ें:

🛑 भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करें!

क्या आपके पास किसी घोटाले की पुख्ता जानकारी है? हमारे 'Secure Drop' पर भेजें। आप नाम बताएँ या पहचान छुपाएँ, यह आपकी मर्जी है। सच को दुनिया के सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।

🔗 सुरक्षित रूप से रिपोर्ट करें

Share This Article
Leave a Comment