एक्शन मोड में कलेक्टर अक्षय गोदारा: मंडरायल दौरे पर लापरवाह पटवारी सस्पेंड, विभाग में हड़कंप

जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा गुरुवार को मंडरायल उपखंड के दौरे पर रहे। कार्यभार संभालने के बाद मंडरायल का यह उनका पहला आधिकारिक दौरा था, जिसमें वे काफी सख्त नजर आए। कलेक्टर ने न केवल सरकारी विभागों का औचक निरीक्षण किया, बल्कि राजकार्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों पर एक पटवारी को मौके पर ही निलंबित कर दिया।

1. राजकार्य में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: पटवारी निलंबित

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अक्षय गोदारा ने मंडरायल ब्लॉक के पटवारी कृष्ण कुमार शुक्ला (पटवार मण्डल मोंगेपुरा व अतिरिक्त पटवार मण्डल रानीपुरा) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।

तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर पटवारी पर आरोप है कि उन्होंने उपखण्ड अधिकारी न्यायालय द्वारा भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 136 के तहत पारित आदेशों की अवहेलना की और रिकॉर्ड में गलत प्रविष्टियां दर्ज कीं। साथ ही, शिकायतकर्ता से अनुचित लाभ (रिश्वत) की मांग के आरोप भी प्रथम दृष्टया सही पाए गए। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय सपोटरा तय किया गया है।

2. उपजिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण

कलेक्टर ने मंडरायल के उपजिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • भीषण गर्मी को देखते हुए मरीजों के लिए कूलर, पंखे, एसी और ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए।
  • जीवनरक्षक उपकरणों और जांच मशीनों का उचित रखरखाव हो ताकि मरीजों को बाहर न जाना पड़े।
  • ओपीडी और आईपीडी में साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
  • स्टाफ और स्टॉक रजिस्टर को अपडेट रखा जाए।

3. निर्माणाधीन उधेड़ पुलिया का निरीक्षण

विकास कार्यों की समीक्षा के क्रम में जिला कलेक्टर ने निर्माणाधीन उधेड़ की पुलिया का अवलोकन किया। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर सेफ्टी पिलरों की संख्या बढ़ाने और निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

4. ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक: पेयजल और जनकल्याण पर जोर

पंचायत समिति कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति जांची। उन्होंने गर्मी के मौसम को देखते हुए पीएचईडी (PHED) अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • पेयजल की किल्लत न होने दें और मांग के अनुसार टैंकरों की व्यवस्था करें।
  • खराब हैंडपंपों को तुरंत ठीक करवाया जाए।
  • ग्राम विकास अधिकारी और पटवारी की संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएं।
  • डांग विकास, विधायक और सांसद कोष के कार्यों के यूसी-सीसी (UC-CC) समय पर भेजे जाएं।

बैठक में उपखंड अधिकारी अनिल कुमार जैन, तहसीलदार और अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अंत में कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की प्राथमिकता है।

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