51 दिनों की फरारी के बाद पकड़े गए पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को कोर्ट ने भेजा तीन दिन की पुलिस रिमांड पर

राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को बड़ी सफलता मिली है। जयपुर की विशेष एसीबी अदालत ने शुक्रवार को पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब वे 13 अप्रैल तक एसीबी की कस्टडी में रहेंगे, जहाँ उनसे घोटाले की परतों को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी।

ACB ने मांगी थी 5 दिन की रिमांड

सुनवाई के दौरान एसीबी के अधिकारियों ने कोर्ट से सुबोध अग्रवाल की 5 दिन की रिमांड मांगी थी। जांच एजेंसी का तर्क था कि इस घोटाले में बड़े स्तर पर पैसों के लेनदेन और फर्जीवाड़े के पुख्ता सबूत मिले हैं। साजिश की गहराई तक पहुँचने और अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपी से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करना आवश्यक है। हालांकि, बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने केवल 3 दिन की रिमांड मंजूर की।

₹50 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप

एसीबी की जांच में सामने आया है कि जल जीवन मिशन के तहत टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। आरोप है कि:

  • फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर चुनिंदा कंपनियों को टेंडर जारी किए गए।
  • टेंडर की शर्तों में जानबूझकर हेरफेर किया गया ताकि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुँचाया जा सके।
  • प्रारंभिक जांच में करीब 50 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट्स में सीधे तौर पर गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।

बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को बताया ‘अवैध’

सुबोध अग्रवाल के वकील अमित सिंह ने अदालत में गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि यह गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है क्योंकि आरोपी को गिरफ्तारी के ठोस कारण नहीं बताए गए और न ही रिमांड आवेदन की कॉपी समय पर उपलब्ध कराई गई। बचाव पक्ष ने इसे कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी बताते हुए गिरफ्तारी को अवैध करार दिया।

51 दिनों तक चलता रहा ‘चूहे-बिल्ली’ का खेल

सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एसीबी की 18 टीमों ने उन्हें पकड़ने के लिए पिछले 51 दिनों में 260 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान अग्रवाल ने पकड़े जाने से बचने के लिए 10 से ज्यादा ठिकाने बदले। आखिरकार, गुरुवार को उन्हें नई दिल्ली से हिरासत में लिया गया और जयपुर लाकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।

अब तक की कार्रवाई

इस मामले में अब तक सुबोध अग्रवाल सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, 3 अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनके खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी किए गए हैं और उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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