राजस्थान के करौली जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे “ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0” के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) लोकेश सोनवाल के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर लोगों को चूना लगाने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर थाना, साइबर सेल और जिला स्पेशल टीम (DST) की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई है।
फर्जी प्रोफाइल और CRPF कमांडेंट की कहानी से जालसाजी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 7 अप्रैल 2026 को जयपुर के रोजदा निवासी जुगल किशोर मौर्य ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसकी फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में एसपी लोकेश सोनवाल के नाम की एक आईडी जुड़ी हुई थी।

आरोपी ने उस आईडी के जरिए जुगल किशोर से संपर्क किया और झांसा दिया कि उनके मित्र सुमित कुमार, जो सीआरपीएफ (CRPF) में कमांडेंट हैं, उनका तबादला हो गया है। आरोपी ने कहा कि कमांडेंट अपना घर का फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते में बेच रहे हैं। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर संपर्क कर सामान भेजने के नाम पर एडवांस राशि की मांग की। ठग ने विभिन्न क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी भेजकर पीड़ित से कुल 46,999 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
पुलिस की ‘फिल्मी’ घेराबंदी: कसाई और कबाड़ी बनकर दी दबिश

मामला दर्ज होने के बाद साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। जांच में पता चला कि आरोपी मेवात इलाके में सक्रिय है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बेहद गोपनीय योजना बनाई। पुलिस की टीम ने मेवात क्षेत्र में कई दिनों तक डेरा डाला। टीम के सदस्य अपनी पहचान छुपाने के लिए पशु खरीदार, कसाई और कबाड़ी बनकर इलाके में घूमते रहे और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
कड़ी मशक्कत और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने तौफिक खान उर्फ धौनी (22), निवासी डावरी (थाना नौगांव, जिला अलवर) को दबोच लिया। आरोपी से फिलहाल साइबर थाने में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार अलवर और हरियाणा के मेवात क्षेत्र से जुड़े कई अन्य शातिर ठगों से भी जुड़े हैं।
इन पुलिस के जवानों की रही अहम भूमिका
इस सफल ऑपरेशन में साइबर सेल के हेड कांस्टेबल पुष्पेंद्र कुमार और डीएसटी टीम के एसके कंवर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देशन में गठित इस संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मेवात के दुर्गम इलाकों में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस की अपील: ऑनलाइन लेनदेन में बरतें सावधानी
करौली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी रसूखदार व्यक्ति या अधिकारी के नाम से आई प्रोफाइल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
- बिना किसी शारीरिक पुष्टि या आमने-सामने मिले पैसे ट्रांसफर न करें।
- सेना या अर्धसैनिक बलों के नाम पर सामान बेचने वाले विज्ञापनों से सावधान रहें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर दें।
