बाड़मेर में ‘नार्को-टेरर’ पर बड़ी स्ट्राइक: ₹25 करोड़ की मेटाफेटामाइन ड्रग्स बरामद, पाकिस्तान से जुड़ा सप्लाई नेटवर्क बेनकाब

राजस्थान पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक दर्ज की है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार पाकिस्तान से लाई गई करीब 5 किलोग्राम ‘मेटाफेटामाइन’ (Methamphetamine) ड्रग्स की बड़ी खेप के साथ पुलिस ने दो तस्करों को दबोच लिया है। जब्त की गई इस ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 25 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

एटीएस और पुलिस का साझा ऑपरेशन

यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ATS, AGTF & ANTF) दिनेश एमए के निर्देशन और बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट के नेतृत्व में अंजाम दी गई। एटीएस गुजरात से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान एटीएस, एजीटीएफ और बाड़मेर सदर थाना पुलिस ने संयुक्त नाकेबंदी कर इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया।

NH-68 पर फिल्मी अंदाज में घेराबंदी

विशेष टीम ने तकनीकी और जमीनी सूचनाओं के आधार पर पाया कि सलमान और शंकर राम नामक दो व्यक्ति एक ईको गाड़ी (नंबर GJ38BB4894) में नशीला पदार्थ लेकर सप्लाई करने जा रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एटीएस जोधपुर के इंस्पेक्टर मूल सिंह भाटी, गुजरात एटीएस के इंस्पेक्टर डीडी रऐवर और बाड़मेर सदर एसएचओ ओमप्रकाश की टीम ने लोरटी हाईट, आदर्श उण्डखा (NH-68) पर नाकेबंदी की। संदिग्ध गाड़ी की तलाशी लेने पर 5 थैलियों में भरा 4.980 किलोग्राम अवैध मेटाफेटामाइन बरामद हुआ।

पाकिस्तानी नंबरों से व्हाट्सएप चैट और वीडियो मिले

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलमान और शंकरराम मेघवाल (निवासी सजन का पार, रामसर) के रूप में हुई है। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

  • सप्लाई का स्रोत: आरोपी सलमान ने बताया कि उसने यह माल पाकिस्तान के थारपारकर जिले के निवासी मसात नामक व्यक्ति से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर प्राप्त किया था।
  • डिजिटल सबूत: आरोपियों के मोबाइल की जांच करने पर पाकिस्तानी नंबरों से व्हाट्सएप चैट और नशीले पदार्थ की प्राप्ति के सबूत के रूप में भेजे गए वीडियो भी बरामद हुए हैं।

सफेदपोश चेहरों के बेनकाब होने की संभावना

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तस्करी में प्रयुक्त वाहन और मोबाइल फोन जब्त कर एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। खुफिया एजेंसियां पकड़े गए संदिग्धों से संयुक्त पूछताछ कर रही हैं, जिसमें इस नेटवर्क से जुड़े कई और ‘सफेदपोश’ चेहरों के बेनकाब होने की प्रबल संभावना है।

एडीजी दिनेश एमएन की आमजन से विशेष अपील

इस गंभीर खुलासे के बाद एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि एटीएस की टीमें सीमा पार से आने वाले ड्रग्स, हथियार और विस्फोटक पदार्थों को रोकने के लिए लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि किसी नागरिक को ऐसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो वे तुरंत सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

📞 इन नंबरों पर दें जानकारी:

  • एटीएस कंट्रोल रूम: 90019-99070
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