राजस्थान की टेक्सटाइल पॉलिसी बनी ‘देश के लिए मॉडल’, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने की मुक्तकंठ से सराहना

जयपुर, असम के गुवाहाटी में आयोजित ‘राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों के सम्मेलन’ में राजस्थान सरकार की नई टेक्सटाइल नीति की धूम रही। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025’ को एक आदर्श नीति बताते हुए अन्य राज्यों को भी इसी प्रकार का रोडमैप तैयार करने की सलाह दी है।

नीति के मुरीद हुए केंद्रीय मंत्री

सम्मेलन के दौरान राजस्थान के उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने केंद्रीय मंत्री को नई पॉलिसी की प्रति भेंट की। सिंह ने नीति के प्रावधानों को विस्तार से पढ़ा और निवेश व रोजगार सृजन के लिए तैयार किए गए इस ढांचे की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने टेक्सटाइल उद्योग के समग्र विकास के लिए जो दूरगामी दृष्टिकोण अपनाया है, वह सराहनीय है।

वस्त्र मंत्रालय और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक एमओयू (TEX-RAMPS)

सम्मेलन के दौरान एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने राजस्थान सहित 15 राज्यों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

  • योजना का नाम: टेक्स-आरएएमपीएस (Tex-RAMPS – Textiles Focused Research, Assessment, Monitoring, Planning and Start-up)।
  • उद्देश्य: साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, डेटा प्रणालियों को सुदृढ़ करना और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना।
  • वित्तीय सहायता: इस योजना के तहत केंद्र सरकार प्रत्येक राज्य को प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये और प्रत्येक जिले के लिए 1 लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान देगी।

राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी-2025: मुख्य आकर्षण

उद्योग आयुक्त सुरेश कुमार ओला के अनुसार, इस नीति में निर्यातकों और विनिर्माताओं के लिए अभूतपूर्व रियायतें दी गई हैं:

  1. वित्तीय प्रोत्साहन: 10 वर्षों तक ₹80 करोड़ वार्षिक तक का एसेट क्रिएशन इंसेंटिव।
  2. शुल्क छूट: स्टाम्प ड्यूटी, पंजीकरण शुल्क और बिजली शुल्क (Electricity Duty) में 100% छूट
  3. ग्रीन इंसेंटिव: पर्यावरणीय समाधानों और अक्षय ऊर्जा संयंत्रों के लिए ₹12.5 करोड़ तक की सहायता।
  4. निर्यात सहायता: फ्रेट चार्ज पर 25% और प्रशिक्षण लागत पर 50% पुनर्भरण (Reimbursement)।

[Textile manufacturing unit efficiency infographic]

सम्मेलन का विजन

“भारत के वस्त्र: विकास, विरासत और नवाचार की बुनाई” थीम पर आधारित इस दो-दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य भारत को 2030 तक 350 बिलियन डॉलर की वैश्विक टेक्सटाइल इकोनॉमी बनाना है। राजस्थान प्रतिनिधिमंडल में उद्योग मंत्री के साथ वरिष्ठ अतिरिक्त आयुक्त एसएस शाह सहित अन्य उच्चाधिकारी मौजूद रहे।


प्रमुख उपलब्धियां: एक नज़र में

विवरणप्रमुख प्रावधान / उपलब्धि
प्रशंसाकेंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा ‘आदर्श नीति’ का दर्जा
नया निवेश लक्ष्य₹10,000+ करोड़ (अनुमानित)
विशेष फोकसगारमेंट मैन्युफैक्चरिंग, टेक्निकल टेक्सटाइल्स और हस्तशिल्प
एमओयूकेंद्र-राज्य के बीच ‘टेक्स-आरएएमपीएस’ समझौता
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