करौली/जयपुर। राजस्थान में शिक्षा विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश (गर्मियों की छुट्टियां) की अवधि कम करने के प्रस्ताव ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए शिक्षा मंत्री के साथ आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में अपनी मांगें पुरजोर तरीके से रखी हैं।
11 मई से अवकाश घोषित करने की मांग
बैठक में शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने शिक्षकों का पक्ष रखते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा 17 मई से प्रस्तावित अवकाश का निर्णय तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश के शिक्षकों को भी केंद्र सरकार के शिक्षकों के समान ही अवकाश मिलना चाहिए। संगठन ने प्रस्ताव दिया है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई के बजाय 11 मई से ही घोषित किया जाए।
शिक्षक हितों के लिए संघर्ष जारी
प्रदेश अध्यक्ष पुष्करणा ने स्पष्ट किया कि संगठन लंबे समय से शिक्षकों के हितों और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा, “अवकाश की अवधि को लेकर शिक्षकों की भावनाओं को सरकार तक मजबूती से पहुँचाया गया है। हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय लेगी।”
प्रदेशभर के शिक्षकों में उम्मीद की किरण
बैठक के बाद शिक्षक संघ राष्ट्रीय की प्रदेश कार्यकारिणी और करौली सहित सभी जिला कार्यकारिणियों ने इस पहल का स्वागत किया है। शिक्षक नेताओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगा। अब प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नजरें शिक्षा मंत्री के आगामी फैसले पर टिकी हैं।
प्रस्तावित शीर्षक (Suggested Titles)
- गर्मियों की छुट्टियों पर आर-पार: शिक्षक संगठनों ने शिक्षा मंत्री से की 11 मई से अवकाश की मांग
- राजस्थान शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर आपत्ति, शिक्षक संघ ने उठाई केंद्र के समान अवकाश की आवाज
- करौली अपडेट: ग्रीष्मकालीन अवकाश कम करने पर शिक्षकों का विरोध, शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक
