साइबर क्रिमिनल्स के निशाने पर राजस्थान के सरकारी बाबू! पुलिस ने जारी की बड़ी एडवाइजरी, तुरंत करें ये काम

सरकारी ई-मेल आईडी पर मंडराया बड़ा खतरा! डार्क वेब पर बिक रहे पासवर्ड, राजस्थान पुलिस ने जारी की गाइडलाइन

जयपुर: सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राजस्थान पुलिस की साइबर ब्रांच (R4C) ने सरकारी ई-मेल आईडी की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर जारी इस चेतावनी में साफ किया गया है कि सरकारी ई-मेल आईडी के लॉगिन डिटेल्स और पासवर्ड ‘डार्क वेब’ पर लीक हो रहे हैं। अगर आप भी अपनी सरकारी ई-मेल का इस्तेमाल निजी कामों के लिए करते हैं, तो आपकी जरा सी चूक पूरे विभाग की गोपनीय जानकारी को खतरे में डाल सकती है।

डार्क वेब पर बिक रहे सरकारी Login Details

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) श्री वीके सिंह ने इस बड़े खतरे का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर अपराधी सरकारी ई-मेल आईडी और पासवर्ड चुराकर उसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) को हाल ही में डार्क वेब पर सरकारी ई-मेल के लॉगिन डिटेल्स बिकने के सनसनीखेज मामले मिले हैं। सरकारी ई-मेल केवल पत्राचार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ‘Rajasthan SSO’ और कई अन्य अहम सरकारी सेवाओं से सीधा जुड़ा होता है। डेटा लीक होने से विभागीय फाइलों, गोपनीय दस्तावेजों और डिजिटल संसाधनों तक हैकर्स की पहुंच हो सकती है।

एक ही Password से बढ़ता है सबसे बड़ा खतरा

जांच में सामने आया है कि कई कर्मचारी अपनी सरकारी ई-मेल आईडी का उपयोग अमेजन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो, फेसबुक, कैब बुकिंग और गेमिंग ऐप्स पर अकाउंट बनाने के लिए कर रहे हैं। खतरा तब कई गुना बढ़ जाता है जब इन सभी प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी ई-मेल वाला ही समान पासवर्ड रखा गया हो। अगर किसी भी शॉपिंग प्लेटफॉर्म का डेटा लीक होता है, तो हैकर्स चुराए गए उसी पासवर्ड का इस्तेमाल करके सीधे SSO, SecLAN और RajSWAN जैसे सरकारी नेटवर्क में सेंध लगा सकते हैं।

इन Warning Signs को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

पुलिस एडवाइजरी के अनुसार, यदि आपके ई-मेल खाते में इनमें से कोई भी गतिविधि दिखे, तो तुरंत अलर्ट हो जाएं:

  • आपके बिना कोई लॉगिन अलर्ट या OTP आना।
  • ‘Sent’ फोल्डर में ऐसे ई-मेल मिलना जो आपने कभी भेजे ही नहीं।
  • ई-मेल खाते से अपने आप Logout हो जाना या पासवर्ड अचानक बदल जाना।
  • इनबॉक्स में मौजूद ई-मेल का ‘Read’ (पढ़ा हुआ) दिखना, जबकि आपने उन्हें खोला तक नहीं हो।
  • सहकर्मियों की आधिकारिक आईडी से कोई संदिग्ध लिंक या संदेश आना।

खतरा दिखने पर तुरंत क्या करें?

अगर आपने अपनी सरकारी आईडी किसी प्राइवेट ऐप पर दी है, तो तुरंत उस ऐप की प्रोफाइल में जाकर उसे हटाएं और वहां अपना व्यक्तिगत ई-मेल दर्ज करें। अपना पासवर्ड किसी सुरक्षित डिवाइस से तुरंत बदल लें। यह भी जांचें कि क्या आपका डेटा लीक हुआ है (इसके लिए haveibeenpwned.com की मदद ले सकते हैं)। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने IT Helpdesk या SOC को दें।

क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts) क्या करें:

  • सरकारी ई-मेल का उपयोग सिर्फ और सिर्फ आधिकारिक पत्राचार के लिए करें।
  • ई-मेल के लिए 12-14 अक्षरों का एक मजबूत, यूनीक और अलग पासवर्ड रखें।
  • ई-मेल और SSO खाते पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) हमेशा चालू रखें।

क्या न करें:

  • शॉपिंग, गेमिंग, डेटिंग या लोन ऐप्स पर अपनी सरकारी आईडी से अकाउंट न बनाएं।
  • निजी खातों के पासवर्ड रिकवरी ऑप्शन में सरकारी ई-मेल न दें।
  • सरकारी फाइलें अपनी निजी ई-मेल या प्राइवेट गूगल ड्राइव पर फॉरवर्ड न करें।
  • अपना पासवर्ड या OTP किसी के साथ साझा न करें।

कहां करें शिकायत?

अगर आपके साथ साइबर ठगी होती है या सुरक्षा में चूक का मामला सामने आता है, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं। आप त्वरित मदद के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर भी कॉल कर सकते हैं।


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