बीकानेर/जयपुर: शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाले “राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026” (National Awards to Teachers 2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 तय की गई है। लेकिन अंतिम तिथि से ठीक पहले राजस्थान से आवेदनों की बेहद निराशाजनक स्थिति सामने आई है। इसे देखते हुए कार्यालय निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर ने राज्य के सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों (CDEO) और अन्य अधिकारियों को आपातकालीन स्मरण-पत्र जारी कर स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं।
8 जिलों में एक भी आवेदन नहीं, कुल फाइनल आवेदन मात्र 12
माध्यमिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक जयदीप द्वारा जारी आदेश के अनुसार, NAT 2026 पोर्टल की समीक्षा करने पर पाया गया कि पूरे राजस्थान से अब तक पंजीकृत या आंशिक रूप से भरे गए आवेदनों की कुल संख्या केवल 68 है। वहीं, अंतिम रूप से (Finally Submitted) प्रस्तुत किए गए आवेदनों की संख्या मात्र 12 ही पाई गई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य के 8 प्रमुख जिलों—उदयपुर, सिरोही, सलूम्बर, फलौदी, डीडवाना कुचामन, बून्दी, चित्तौड़गढ़ और भरतपुर में पंजीकृत आवेदनों की संख्या शून्य (0) है। विभाग ने चिंता जताई है कि इतनी कम संख्या होने के कारण राज्य स्तर से योग्य शिक्षकों का सही चयन करने में भारी कठिनाई होगी।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता और नियम)
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन करने से पूर्व शिक्षकों को इन मुख्य बातों का ध्यान रखना होगा:
- नियमित शिक्षक: आवेदन करने वाला अध्यापक एक नियमित शिक्षक होना चाहिए।
- सेवा अवधि: शिक्षक ने शिक्षा विभाग में कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो।
- आवेदन का तरीका: इच्छुक व पात्र शिक्षक शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट
[https://nationalawardstoteachers.education.gov.in](https://nationalawardstoteachers.education.gov.in)पर जाकर “स्व-नामांकन” (Self-Nomination) प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
अधिकारियों को सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के उपयोग के निर्देश
निदेशालय ने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (CBEO), पीईईओ (PEEO) और यूसीईईओ (UCEEO) को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में समाचार पत्रों, न्यूज़ चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इसका तुरंत और व्यापक प्रचार-प्रसार करवाएं।
इसके साथ ही, जिन शिक्षकों ने अब तक केवल पंजीकरण कराया है या जिनका आवेदन आंशिक रूप से अधूरा भरा हुआ है, उन्हें समय रहते अपना आवेदन अंतिम रूप से सबमिट करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि राजस्थान के योग्य शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
