जयपुर। राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में शनिवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम को एक बड़ी कानूनी सफलता मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर की विशेष एसीबी कोर्ट ने इस केस से जुड़े सभी 10 आरोपियों को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश जारी कर दिया है। कोर्ट की इस कार्रवाई के बाद घोटाले के सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
रिमांड का विरोध और कोर्ट का फैसला
सुनवाई के दौरान एसीबी ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपियों की 2 दिन की अतिरिक्त रिमांड मांगी थी। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील हरदेव सिंह चौहान ने इस मांग का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रिमांड की अर्जी को नामंजूर कर दिया और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।
छत्तीसगढ़ से हुई गिरफ्तारी पर भी कड़ा रुख
इस मामले में 10वें आरोपी मुकेश पाठक, जिन्हें हाल ही में छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया था, उन्हें भी अन्य आरोपियों के साथ न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पाठक की गिरफ्तारी को इस घोटाले की कड़ियों को जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अब इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी, तब तक सभी आरोपी सलाखों के पीछे रहेंगे।
करोड़ों के भ्रष्टाचार का है पूरा मामला
यह पूरा विवाद केंद्र सरकार की ‘हर घर जल’ योजना (जल जीवन मिशन) के तहत राजस्थान में हुए करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। आरोप है कि कुछ निजी कंपनियों ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र (Fake Experience Certificates) के आधार पर करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल किए थे। इस खेल में पीएचईडी (PHED) के आला अधिकारियों की मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है, जिसकी एसीबी गहनता से जांच कर रही है।
