मुख्यमंत्री की पहल: ग्राम उत्थान शिविरों से बदला गांवों का परिदृश्य, लाखों ग्रामीणों को मिला 13 विभागों की योजनाओं का सीधा लाभ

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन और ‘अन्त्योदय’ के संकल्प को साकार करते हुए प्रदेशभर में आयोजित हो रहे ‘ग्राम उत्थान शिविर’ ग्रामीण विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से राज्य सरकार सीधे ग्रामीणों के द्वार पर पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है। अब तक प्रदेशभर के 941 शिविरों में लाखों ग्रामीणों और किसानों ने भाग लेकर 13 प्रमुख विभागों की सेवाओं का लाभ उठाया है।

एक ही छत के नीचे 13 विभागों की सेवाएं

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, ये शिविर प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। शिविरों में कृषि, पशुपालन, सहकारिता, ऊर्जा और पंचायती राज सहित 13 विभागों के अधिकारी मौके पर ही आवेदनों का निस्तारण कर रहे हैं।

अन्नदाताओं और पशुपालकों को मिला बड़ा सम्बल

शिविरों के प्रथम चरण के दौरान कृषि और पशुपालन क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं:

  • कृषि विभाग: 2.26 लाख किसानों को फसल बीमा और 2.33 लाख को MSP की जानकारी दी गई। साथ ही, 50,000 से अधिक सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए।
  • पशुपालन: करीब 2.60 लाख पशुओं का उपचार किया गया। ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत 47,000 पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए गए।
  • उद्यानिकी: सोलर पंप और पॉली हाउस के लिए हजारों नए आवेदन मौके पर ही तैयार करवाए गए।

सहकारिता और डिजिटल बैंकिंग का विस्तार

सहकारिता विभाग ने 1.28 लाख किसानों को ऋण योजनाओं से जोड़ा है। शिविरों में 15,000 नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के आवेदन प्राप्त हुए और सहकारी बैंकों में 4,000 से अधिक नए खाते खोले गए। डेयरी क्षेत्र में भी 195 नई प्रोविजनल को-ऑपरेटिव सोसायटियों का पंजीयन कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी गई है।

ऊर्जा और पंचायती राज: घर-घर पहुँच रही रोशनी

  • पीएम सूर्य घर योजना: 19,000 पात्र नागरिकों के आवेदन भरवाए गए, जिससे वे न केवल बिजली बचा सकेंगे बल्कि बेचकर अतिरिक्त आय भी कमा सकेंगे।
  • स्वामित्व कार्ड: पंचायती राज विभाग ने ग्रामीणों को उनके घर का मालिकाना हक देने वाले 32,000 से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए हैं।

जनभागीदारी और महिला सशक्तिकरण

इन शिविरों की सफलता में ‘आधी आबादी’ की बड़ी भूमिका रही है। अब तक 1.89 लाख महिलाओं ने शिविरों में हिस्सा लिया है। लगभग 8,667 जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान को सुनिश्चित किया है।

दूसरे चरण का शेड्यूल

प्रथम चरण (23, 24, 25 व 31 जनवरी) की सफलता के बाद, शिविरों का द्वितीय चरण 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। शिविरों का समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक रहेगा।

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