जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन को संबोधित किया। “विकसित भारत में पुलिस व्यवस्था” विषय पर केंद्रित इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को विकास का मूलाधार बताते हुए पुलिस बल को आधुनिक और संवेदनशील बनने का मंत्र दिया।
अपराधों में भारी कमी: आंकड़ों की जुबानी
मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्षों के सफल कार्यकाल का ब्यौरा देते हुए बताया कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। वर्ष 2023 की तुलना में अपराधों के ग्राफ में निम्नलिखित गिरावट दर्ज की गई है:
| अपराध की श्रेणी | कमी (प्रतिशत में) |
| कुल अपराध | 15% ↓ |
| हत्या (Murder) | 25% ↓ |
| लूट (Robbery) | 50% ↓ |
| महिला अत्याचार | 10% ↓ |
| SC/ST अत्याचार | 28% ↓ |
युवा दिवस (12 जनवरी) पर “थाना विजिट” का नवाचार
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी युवा दिवस पर स्कूली विद्यार्थियों को थानों का भ्रमण कराया जाए। इस पहल का उद्देश्य है:
- नई पीढ़ी को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की जानकारी देना।
- विद्यार्थियों में पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति विश्वास जगाना।
- युवाओं को नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना।
पुलिस आधुनिकीकरण एवं कल्याण हेतु बड़े निर्णय
प्रदेश में पुलिसिंग को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- 200 करोड़ रुपये का फंड: पुलिस आधुनिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए समर्पित फंड।
- सरदार पटेल साइबर कंट्रोल रूम: 350 करोड़ की लागत से तकनीकी प्रशिक्षण अकादमी और साइबर कंट्रोल रूम की स्थापना।
- वेतन एवं भत्ते: कांस्टेबल से ASI तक के वर्दी भत्ते और इंस्पेक्टर स्तर तक के मैस भत्ते में वृद्धि।
- तकनीकी नवाचार: ई-विजिटर्स पोर्टल, ई-जीरो एफआईआर का शुभारंभ और ‘राजस्थान पुलिस प्राथमिकता-2026’ पुस्तिका का विमोचन।
RPA को मिला ‘उत्कृष्ट संस्थान’ का गौरव
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA), जयपुर को भारत सरकार के क्षमता संवर्धन आयोग द्वारा उत्कृष्ट संस्थान (Excellent Institution) का दर्जा दिया गया है। RPA यह प्रतिष्ठित दर्जा प्राप्त करने वाली देश की पहली राज्य पुलिस अकादमी बनी है।
“पुलिस अधिकारियों को अपने जूनियर सहयोगियों को प्रशिक्षण देने के लिए हर साल कम से कम 100 घंटे समर्पित करने चाहिए। अनुभव ही पुलिसिंग की असली शक्ति है।” — भजनलाल शर्मा
