डिजिफेस्ट 2026: ‘सिलिकॉन वैली’ और ‘भारत’ के बीच सेतु बनेगा डीप टेक — एनवीडिया (NVIDIA) के श्री शंकर त्रिवेदी ने कहा- एडवांस कंप्यूटिंग का ग्लोबल हब बन रहा भारत

जयपुर, जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी (JECC) में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 के दूसरे दिन सोमवार को तकनीकी भविष्य की नई दिशाओं पर चर्चा हुई। ‘ब्रिजिंग सिलिकॉन वैली एंड भारत थ्रू डीप टेक’ विषय पर आयोजित एक विशेष फायरसाइड चैट में एनवीडिया (NVIDIA) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शंकर त्रिवेदी ने वैश्विक तकनीक परिदृश्य में भारत की बढ़ती धमक को रेखांकित किया।

भारत: अब उपभोक्ता नहीं, नवाचार का केंद्र

टाई सिलिकॉन वैली की प्रेसिडेंट अनिता मनवानी के साथ संवाद करते हुए शंकर त्रिवेदी ने कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता (Consumer) नहीं रह गया है। उन्होंने कहा:

“भारत आज डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और एडवांस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ वैश्विक केंद्र बन रहा है। हमारी युवा प्रतिभा और इंजीनियरिंग बेस दुनिया के लिए शोध और नवाचार का आधार बन रहे हैं।”

डीप टेक के लिए अनुकूल वातावरण

त्रिवेदी ने भारत के बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेगा। सत्र के मुख्य बिंदु रहे:

  • मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर: सरकार की नीतिगत पहल और डिजिटल इंडिया अभियान ने डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए उर्वर जमीन तैयार की है।
  • स्टार्टअप संस्कृति: सिलिकॉन वैली और भारत के बीच सहयोग से भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार और उन्नत तकनीक तक पहुंच मिल रही है।
  • आर्थिक विकास: एडवांस कंप्यूटिंग और एआई भविष्य की अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े चालक (Drivers) होंगे।

[Image showing a collaborative visual of Silicon Valley and Indian tech hubs connected by deep tech circuits]

युवाओं और निवेशकों का उत्साह

इस सत्र में बड़ी संख्या में स्टार्टअप संस्थापक, आईटी विशेषज्ञ और युवा डेवलपर्स शामिल हुए। चर्चा का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि डीप टेक के माध्यम से भारत न केवल अपनी समस्याओं का समाधान करेगा, बल्कि विश्व की तकनीकी चुनौतियों का नेतृत्व भी करेगा।

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