करौली: राजस्थान के करौली जिले के डांग क्षेत्र में सालों से बिजली की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए विधानसभा से एक बड़ी खुशखबरी आई है। आजादी के इतने दशकों बाद भी अंधेरे में जीवन यापन कर रहे इन गांवों को अब ‘ऑफ-ग्रिड रूफ टॉप सोलर’ (Off-Grid Rooftop Solar) योजना के माध्यम से रोशन किया जाएगा।
विधानसभा में गूंजा सपोटरा के 66 गांवों का मुद्दा
राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अनुदान भाग संख्या 54 (ऊर्जा विभाग) पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान सपोटरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हंसराज मीना ने डांग क्षेत्र के 66 गांवों में वर्षों से लंबित बिजली की समस्या को पूरे तथ्यों और मजबूती के साथ सदन के पटल पर रखा। उन्होंने सरकार का ध्यान इस दुर्गम इलाके में रहने वाले उन परिवारों की तरफ खींचा, जो आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
ऊर्जा मंत्री का आश्वासन: 9015 परिवारों का हुआ चिन्हीकरण
सदन में उठाए गए इस अहम मुद्दे पर ऊर्जा मंत्री ने सकारात्मक जवाब देते हुए क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया। मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि:
- सपोटरा के 66 गांवों सहित पूरे करौली जिले के कुल 109 गांवों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है।
- इन गांवों के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है।
- बिजली से लाभान्वित होने वाले 9,015 परिवारों का सफलतापूर्वक चिन्हीकरण भी कर लिया गया है।
REC को भेजा गया प्रस्ताव, जल्द मिलेगी स्वीकृति
ऊर्जा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी 109 विद्युत विहीन गांवों को रोशन करने के लिए ‘ऑफ-ग्रिड रूफ टॉप सोलर’ योजना के तहत प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस प्रस्ताव को Rural Electrification Corporation (REC) को वित्तीय और तकनीकी स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। जैसे ही वहां से अनुमोदन प्राप्त होगा, इन गांवों को विद्युत सुविधा से जोड़ने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
