करौली में सियासी संग्राम तेज: पूर्व मंत्री रमेश मीणा का बड़ा हमला, विधायक हंसराज को बताया ‘सपोटरा का कलंक’

करौली: राजस्थान के करौली जिले की राजनीति में इन दिनों भारी उबाल देखने को मिल रहा है। सपोटरा क्षेत्र में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई अब खुले आरोप-प्रत्यारोपों तक पहुंच गई है। करौली सर्किट हाउस में आयोजित एक अहम प्रेस वार्ता में सपोटरा के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने वर्तमान विधायक हंसराज मीणा (बालौती) पर जोरदार और तीखा हमला बोला है। रमेश मीणा ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के पुराने आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए पलटवार किया है और विधायक हंसराज पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अराजकता फैलाने के बेहद गंभीर आरोप जड़ते हुए उन्हें ‘सपोटरा का कलंक’ तक करार दे दिया है।

नरेगा FTO में 15 प्रतिशत कमीशन और नार्को टेस्ट की चुनौती

पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने प्रेस वार्ता में सीधा आरोप लगाया कि सपोटरा क्षेत्र में इन दिनों भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि विधायक नरेगा के एफटीओ (FTO) पास करवाने के एवज में 15 प्रतिशत कमीशन वसूल रहे हैं। रमेश मीणा के अनुसार, जिन ग्राम पंचायतों ने यह कथित कमीशन नहीं दिया, उनके एफटीओ रोक दिए गए हैं, जिसका जीता-जागता उदाहरण 16 ग्राम पंचायतों की हालिया सूची है। इसके अलावा उन्होंने करणपुर–नानपुर के एफटीओ प्रकरण में भी 75 लाख रुपये की घूस लेने का गंभीर मामला उठाया। पूर्व मंत्री ने विधायक हंसराज को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके ये आरोप गलत हैं, तो विधायक अपना नार्को टेस्ट (Narco Test) करवाने के लिए तैयार हों।

विधायक के भाई पर हत्या और अवैध खनन के संगीन आरोप

रमेश मीणा का हमला यहीं नहीं रुका; उन्होंने विधायक के भाई शिवराज मीणा को भी कटघरे में खड़ा किया। पूर्व मंत्री ने विधायक के भाई पर करोड़ों रुपये की डील करने, हत्या के मामलों में संलिप्त होने और क्षेत्र में अवैध खनन व जमीनों की खरीद-फरोख्त करने जैसे संगीन आरोप लगाए। रमेश मीणा ने कहा कि क्षेत्र में बलात्कार और हत्या की घटनाएं आम हो गई हैं और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत राज के पैसे को नियमों के विरुद्ध जाकर निकायों में ट्रांसफर किया जा रहा है और एक अयोग्य व अक्षम व्यक्ति को विकास अधिकारी (BDO) के पद पर बैठा दिया गया है।

विधायक हंसराज का पलटवार: ‘सुर्खियां बटोरने की राजनीति’

पूर्व मंत्री के इन तीखे हमलों पर सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने भी करारा पलटवार किया है। विधायक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह तथ्यहीन, निराधार और जनता को गुमराह करने वाला बताया। विधायक ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के आरोप लगाना केवल सुर्खियां बटोरने की ओछी राजनीति है। हंसराज मीणा ने रमेश मीणा के पुराने कार्यकाल की याद दिलाते हुए तंज कसा कि जिनके शासनकाल में जमीनों पर कब्जे हुए, निर्वाचित प्रधानों को बार-बार निलंबित किया गया, एक ही दिन में कई विकास अधिकारियों के तबादले हुए और भाई को भाई से लड़ाने की राजनीति हुई, वे आज ईमानदारी की दुहाई दे रहे हैं।

विधानसभा में उठे 26 करोड़ के घोटाले से शुरू हुई थी जंग

गौरतलब है कि करौली की इस सियासी जंग की शुरुआत तब हुई थी जब कुछ समय पहले विधायक हंसराज मीणा ने पूर्व मंत्री रमेश मीणा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। विधायक ने नानपुर पंचायत में 26 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और चारागाह भूमि पर कब्जे का मुद्दा जोर-शोर से विधानसभा में उठाया था। इसी के बाद से दोनों दिग्गज नेताओं के बीच यह जुबानी जंग तेज हो गई है। फिलहाल इन सभी आरोपों और दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि या जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस तनातनी ने सपोटरा और पूरे करौली जिले का सियासी पारा जरूर चढ़ा दिया है।

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