राजस्थान की ‘सूर्यनगरी’ जोधपुर के रातानाडा इलाके में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब पांच बत्ती चौराहे के पास स्थित मशहूर होटल सोनल पैलेस में भीषण आग लग गई। आज, 1 मार्च की सुबह करीब 9:00 बजे हुई इस घटना ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे होटल में ठहरे पर्यटकों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। धुआं इतना घना था कि होटल के गलियारों में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे कमरों में मौजूद सैलानियों की सांसें अटक गईं। गनीमत रही कि समय रहते किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से होटल में फंसे 6 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
छत पर चढ़कर बचाई जान, दमकलकर्मियों ने दिखाया साहस
एयरपोर्ट थाना पुलिस के अनुसार, आग होटल की पहली मंजिल के दो कमरों में भड़की थी, जिसके बाद नीचे उतरने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका था। जान बचाने की जद्दोजहद में फंसे 6 सैलानी किसी तरह होटल की छत पर भागने में सफल रहे और वहां से चीखते-चिल्लाते हुए मदद की गुहार लगाने लगे। सूचना मिलते ही नगर निगम की 10 दमकलें और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने अत्यंत साहस का परिचय देते हुए एक तरफ आग पर काबू पाना शुरू किया और दूसरी तरफ ऊंची सीढ़ियों की मदद से छत पर फंसे सभी 6 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
शॉर्ट सर्किट बना कारण, रेस्क्यू के दौरान दमकलकर्मी घायल
शुरुआती जांच में आग लगने की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, जिसने देखते ही देखते कमरों के सामान को राख कर दिया। फायर अधिकारी प्रशांत सिंह चौहान ने बताया कि इस बचाव कार्य के दौरान एक जांबाज दमकलकर्मी अनियंत्रित होकर गिर गया और चोटिल हो गया। घायल दमकलकर्मी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। हालांकि होटल की संपत्ति को इस आगजनी में काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी भी प्रकार की जनहानि न होना प्रशासन के लिए बड़ी राहत की बात है।
महज ‘शो-पीस’ साबित हुए सुरक्षा उपकरण, जांच के आदेश
इस भीषण हादसे ने जोधपुर के व्यावसायिक भवनों और होटलों में फायर सेफ्टी के दावों की हकीकत उजागर कर दी है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि होटल सोनल पैलेस में आग बुझाने के आधुनिक उपकरण तो लगे थे, लेकिन आपातकाल के समय उन्होंने काम ही नहीं किया और वे महज ‘शो-पीस’ साबित हुए। पुलिस और फायर विभाग अब इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या उपकरणों का रखरखाव सही था या नियमों की जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
