जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के आदर्श नगर स्थित जनता कॉलोनी में आस्था और हर्षोल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ श्री जगन्नाथजी मंदिर, सेवा कुंज फाउंडेशन और श्री मदन मोहन मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में ‘दिव्य होली महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आध्यात्मिक उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने उमड़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भगवान की भक्ति की गंगा में सराबोर हुए। आयोजन का मुख्य आकर्षण ‘फूलों की होली’ रही, जहाँ उपस्थित भक्तों ने पारंपरिक रंगों के साथ-साथ पुष्पों की वर्षा कर इस उत्सव को यादगार बना दिया।
मथुरा-वृंदावन के कीर्तनकारों ने बिखेरी ब्रज की छटा
महोत्सव को ब्रज जैसा स्वरूप देने के लिए विशेष रूप से मथुरा-वृंदावन से कीर्तनकारों की टोली बुलाई गई थी। श्याम प्रभु जी के नेतृत्व में इन कलाकारों ने श्याम प्रभु के सुमधुर भजनों और कीर्तन की ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि पूरा वातावरण भक्ति के सुरों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत की गई राधा-कृष्ण की जीवंत झांकी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभी ने इस अलौकिक दृश्य का भावपूर्ण आनंद लिया। भक्तों के उत्साह और समर्पण ने इस उत्सव को जयपुर के प्रमुख होली आयोजनों में शामिल कर दिया है।
सनातन संस्कृति और संस्कारों का दिव्य संगम:

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित ज्ञानम फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत दीपक वल्लभ गोस्वामी ने सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि होली का पावन पर्व केवल रंगों का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम, सेवा, समर्पण और संस्कारों का दिव्य संगम है। उन्होंने जोर दिया कि हमारे सभी महोत्सव समाज को आपसी स्नेह और भाईचारे से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एकता अग्रवाल सहित कई गणमान्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और भक्ति भाव में भाग लिया।
सेवा भाव और भव्य महाप्रसाद के साथ हुआ समापन
आयोजन की सफलता में कुणाल प्रभुजी, अर्जुन प्रभुजी, राधा रमणप्रभु जी और पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में सेवा कुंज फाउंडेशन की अध्यक्ष शुभा गुप्ता ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उत्सव के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए भव्य महाप्रसाद की व्यवस्था की गई थी, जिसका हजारों भक्तों ने आनंद लिया। आयोजकों ने आगामी वर्ष इस महोत्सव को और भी विशाल और दिव्य स्वरूप में आयोजित करने का संकल्प दोहराया है, जिससे शहर में भक्ति की डोलची और प्रेम के रंग अनवरत बरसते रहें।
