जयपुर में चेटीचंड पखवाड़े का आगाज़: ‘लाल जा लाडा’ प्रतियोगिता से शुरू हुआ सिंधी संस्कृति का महाकुंभ

जयपुर। राजधानी जयपुर में सिंधी समाज के सबसे बड़े उत्सव ‘चेटीचंड पखवाड़े’ की शुरुआत आज, 13 मार्च से हो गई है। पखवाड़े का भव्य शुभारंभ ‘लाल जा लाडा’ प्रतियोगिता के साथ किया गया, जिसमें विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इस 15 दिवसीय उत्सव के दौरान सिंधी संगीत, पारंपरिक वेशभूषा, साहित्य और धार्मिक मान्यताओं की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। चेटीचंड सिंधी मेला समिति महानगर जयपुर के प्रवक्ता तुलसी संगतानी ने बताया कि भगवान झूलेलाल का मुख्य जन्मोत्सव 20 मार्च को मनाया जाएगा, जिस दिन चौगान स्टेडियम से 51 आकर्षक झांकियों की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।

इस महोत्सव का एक ऐतिहासिक महत्व भी है। अविभाजित भारत के सिंध प्रांत से आई सिंधी सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सिंधु घाटी सभ्यता का हिस्सा रही है। विभाजन के बाद संघर्षों के बीच देश के अलग-अलग शहरों में बसे सिंधी समाज ने अपनी भाषा और परंपराओं को सहेजने के लिए यह उत्सव एक माध्यम बनाया है। सिंधी समाज भगवान शंकर, राम, कृष्ण, हिंगलाज माता और शीतला माता में अटूट आस्था रखता है और हर साल चैत्र शुक्ल द्वितीया को भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाता है।


चेटीचंड पखवाड़ा: प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा

महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:

  • 13 मार्च: ‘लाल जा लाडा’ प्रतियोगिता के साथ उत्सव का प्रारंभ।
  • 15 मार्च: सुबह 7 बजे शहर की विभिन्न पंचायतों से वाहन रैली निकलेगी जो दशहरा मैदान पहुंचेगी। शाम को ‘विराट सिंधु मेला’ का आयोजन होगा।
  • 17-18 मार्च: 551 महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी।
  • 19 मार्च: ‘छेज’ लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन, जिसमें 20 से अधिक टीमें डांडिया की ताल पर अपनी प्रस्तुति देंगी।
  • 20 मार्च: चेटीचंड का मुख्य पर्व। चौगान स्टेडियम से 51 झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा का प्रस्थान।
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