बीकानेर। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे भीषण वैश्विक तनाव और सामरिक दृष्टिकोण से संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भारत ने अपनी पश्चिमी सीमा को पूरी तरह अभेद्य बनाने की तैयारी कर ली है। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी 25 मई 2026 को राजस्थान के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की सुरक्षा व्यवस्था को खुद ग्राउंड जीरो पर परखने के लिए दो दिवसीय दौरे पर बीकानेर आ रहे हैं। इस महा-दौरे को राष्ट्रीय सुरक्षा, मरुधरा की सामरिक स्थिति और सीमा पार से होने वाली नापाक हरकतों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल दौरे की पूर्व तैयारियों को लेकर केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बीकानेर में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें बीएसएफ और खुफिया एजेंसियों के आला अफसर शामिल हुए।

25 और 26 मई का पूरा ब्योरा
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह का विस्तृत और आधिकारिक मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जल्द ही दिल्ली से जारी किया जाएगा। हालांकि, शुरुआती तैयारियों के अनुसार:
- 25 मई की शाम: अमित शाह विशेष विमान से बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे शहर के गणमान्य प्रबुद्धजनों से मुलाकात करेंगे और उनका रात्रि विश्राम बीकानेर बीएसएफ मुख्यालय पर ही तय किया गया है।
- 26 मई की सुबह: गृह मंत्री सीधे भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की एक अग्रिम सीमा चौकी (Border Outpost – BOP) का हवाई या सड़क मार्ग से औचक निरीक्षण करने निकलेंगे। वहां वे झुलसाने वाली धूप और थार के रेगिस्तान में मुस्तैद देश के वीर जवानों से सीधा संवाद करेंगे।
पाकिस्तान की ड्रोन वाली ‘नापाक साजिश’ पर होगा सर्जिकल स्ट्राइक
इस यात्रा का सबसे मुख्य और गंभीर हिस्सा 26 मई को बीकानेर स्थित बीएसएफ मुख्यालय में होने वाली हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग है। इस बैठक की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गृह मंत्रालय और राजस्थान पुलिस के मुखिया के साथ तैयारियों का जायजा लिया है।
बैठक में बीएसएफ की खुफिया विंग, आईबी (Intelligence Bureau) और मिलिट्री इंटेलिजेंस के आला अफसर गृह मंत्री के सामने एक सीक्रेट प्रेजेंटेशन रखेंगे। पिछले कुछ महीनों में बीकानेर और श्रीगंगानगर से सटे बॉर्डर इलाकों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन मूवमेंट में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई है। पाकिस्तानी तस्कर अब रात के अंधेरे में आधुनिक, कम आवाज करने वाले और हैवी-पेलोड वाले चीनी ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ड्रोनों के जरिए सीमावर्ती खेतों में करोड़ों रुपये की हेरोइन (मादक पदार्थ) और पंजाब-राजस्थान के गैंगस्टरों के लिए ऑटोमैटिक हथियार गिराए जा रहे हैं।

| मुख्य सुरक्षा चुनौतियां | गृह मंत्रालय का संभावित एक्शन प्लान |
| पाकिस्तानी हैवी-पेलोड चीनी ड्रोन | पूरे बॉर्डर पर इंडीजीनस एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी (Indigenous Anti-Drone Systems) की तैनाती। |
| हथियार व हेरोइन की तस्करी | बॉर्डर के संवेदनशील हिस्सों पर आधुनिक लेजर फेंसिंग को मजबूत करना। |
| स्थानीय मददगारों का नेटवर्क | लोकल तस्करों और गैंगस्टर्स के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए राजस्थान पुलिस को कड़े निर्देश। |
बदले वैश्विक हालात में ‘इंडिया फर्स्ट’ की नीति: अर्जुन राम मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अमित शाह के इस दौरे के वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया में सामरिक समीकरण बदल रहे हैं, मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण समुद्री मार्ग और ‘स्ट्रैट ऑफ हार्मुज’ संकट में हैं, तब भारत अपनी थल और वायु सीमाओं को एक इंच भी कमजोर नहीं छोड़ सकता। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा नीतियां हमेशा ‘इंडिया फर्स्ट’ के सिद्धांत पर चलती हैं।
जब देश के गृह मंत्री खुद सीमा पर आकर सुरक्षा इंतजामात का जायजा लेते हैं, तो ग्राउंड पर 50 डिग्री तापमान में तैनात जवानों का मनोबल दोगुना हो जाता है। अमित शाह का यह बीकानेर दौरा न केवल सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को एक नए स्तर पर ले जाएगा, बल्कि सीमा पार बैठे भारत के दुश्मनों को भी एक स्पष्ट और कड़ा संदेश देगा।