धौलपुर/जयपुर, राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आज बिजली विभाग में भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एसीबी धौलपुर इकाई ने जयपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (SE) राजेश कुमार वर्मा और उनके मातहत टेक्नीशियन-प्रथम नरेंद्र कुमार को ₹1,75,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
निलंबन से बहाली के बदले मांगी थी ₹2 लाख की घूस
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी (शिकायतकर्ता) ने एसीबी चौकी धौलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने आरोप लगाया कि उसे उसके पद से निलंबित कर दिया गया था। उसे वापस बहाल करने के बदले में अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार वर्मा अपने सहयोगी टेक्नीशियन नरेंद्र कुमार के जरिए ₹2,00,000 की मांग कर रहे थे।
जाल बिछाकर ऐसे दबोचे गए आरोपी
एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन किया गया, जो सही पाई गई। इसके बाद आज योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया:
- रिश्वत की राशि: सौदेबाजी के बाद ₹1,75,000 की राशि तय हुई।
- मौके पर गिरफ्तारी: टेक्नीशियन नरेंद्र कुमार ने परिवादी को अधीक्षण अभियंता कार्यालय धौलपुर बुलाया और जैसे ही रिश्वत की राशि प्राप्त की, एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया।
- SE की संलिप्तता: नरेंद्र कुमार ने रिश्वत राशि मिलने की पुष्टि फोन के जरिए SE राजेश कुमार वर्मा को दी। SE की सहमति मिलते ही एसीबी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी के महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। एसीबी की टीम अब आरोपियों के आवास और अन्य ठिकानों पर भी तलाशी (Search) ले रही है ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य भ्रष्ट गतिविधियों का पता लगाया जा सके। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।
