राजस्थान की जैव विविधता और वन संपदा का संरक्षण हमारी प्राथमिकता: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास

जयपुर, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में भारतीय वन सेवा (IFS) के 2024 बैच के सात प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नवागत अधिकारियों को प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘युवा सोच’ के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

प्रमुख बिंदु: मुख्य सचिव का संबोधन

संवाद के दौरान मुख्य सचिव ने राजस्थान की भौगोलिक विशिष्टता और पर्यावरण संतुलन में वनों की भूमिका पर प्रकाश डाला:

  • अनोखी जैव विविधता: राजस्थान न केवल अपने विशाल मरुस्थल के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां का वन क्षेत्र और विश्व विख्यात राष्ट्रीय उद्यान दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • नवाचार और विजन: उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं पर विश्वास रखें और अपनी कार्यप्रणाली में नवीन विचारों को शामिल करें ताकि वन संपदा का बेहतर प्रबंधन हो सके।
  • बहुआयामी अनुभव: श्रीनिवास ने बताया कि राजस्थान कैडर के अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में कार्य करने का व्यापक अनुभव मिलता है, जो उनके करियर की नींव को मजबूत बनाता है।

जनसुनवाई और संवेदनशीलता पर जोर

मुख्य सचिव ने प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण देते हुए 181 हेल्पलाइन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आमजन की शिकायतों का निस्तारण 20 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है, उसी प्रकार वन सेवा के अधिकारियों को भी जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और नियमों के दायरे में रहकर उनका त्वरित समाधान करना चाहिए।

अनुभवों का साझाकरण

मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव ने अपने स्वयं के प्रशिक्षण काल के संस्मरण साझा किए और राज्य में समय के साथ हुए सकारात्मक बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ वाटरशेड विकास, वन्यजीव संरक्षण और प्रजाति संरक्षण जैसे तकनीकी विषयों पर भी गहन विमर्श किया।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) शिखा मेहरा भी उपस्थित रहीं।

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