बाड़मेर जिले के महिला अपराध अनुसंधान सेल कार्यालय में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूछताछ के लिए लाए गए एक आरोपी ने पुलिस अधिकारियों के सामने ही जान देने की कोशिश की। आरोपी ने टेबल पर रखे पेपर कटर से अपनी गर्दन पर वार कर लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
वारदात का घटनाक्रम
बाड़मेर के महिला थाने में दर्ज एक पॉक्सो मामले में पुलिस ने गांधीनगर निवासी नरेश कुमार पुत्र दालाराम को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रभुराम द्वारा की जा रही थी।
- गुरुवार दोपहर को आरोपी को पूछताछ और अनुसंधान के लिए एएसपी कार्यालय लाया गया था।
- जिस समय पुलिस आरोपी के फिंगरप्रिंट लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही थी, उसी दौरान नरेश ने अचानक मेज पर रखा पेपर कटर उठा लिया।
- इससे पहले कि पुलिसकर्मी उसे रोक पाते, उसने अपनी गर्दन पर जोरदार प्रहार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
अस्पताल में उपचार और कार्रवाई
पुलिस अभिरक्षा में हुई इस घटना से पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। घायल नरेश को तुरंत बाड़मेर मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल ले जाया गया।
- डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए घाव पर टांके लगाए।
- गनीमत रही कि कट ज्यादा गहरा नहीं था और उसकी जान बच गई।
- हालत स्थिर होने के बाद पुलिस ने उसे वापस एएसपी कार्यालय लाया और फिर उसे जेल भेज दिया गया।
सुरक्षा में चूक पर जांच के आदेश
बाड़मेर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे सुरक्षा में एक बड़ी चूक माना है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस कस्टडी में इस तरह की वारदात होना चिंताजनक है और जिस भी कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त विभागीय जांच की जाएगी। फिलहाल आरोपी ने इस कदम के पीछे के कारणों पर चुप्पी साध रखी है।
संपादकीय टिप्पणी: “यह घटना दिखाती है कि पूछताछ के दौरान प्रोटोकॉल का पालन करना कितना अनिवार्य है। पुलिस कार्यालयों में खतरनाक वस्तुओं (जैसे पेपर कटर) का आरोपियों की पहुंच में होना न केवल उनकी सुरक्षा, बल्कि वहां मौजूद अधिकारियों के लिए भी जोखिम पैदा करता है।”
