जैसलमेर/बाड़मेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का एक्शन लगातार जारी है। बाड़मेर एसीबी की टीम ने जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ स्थित पशुपालन विभाग में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पशुधन सहायक (Livestock Assistant) सोनू को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यह घूस राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘ऊंट संरक्षण योजना’ के तहत मिलने वाले अनुदान को पास करवाने की एवज में मांगी थी।
इस पूरे मामले में संबंधित पशु चिकित्सक (Veterinary Doctor) की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसे एसीबी ने पूछताछ के लिए डिटेन कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
एसीबी को जैसलमेर के एक पशुपालक (परिवादी) ने शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी के अनुसार:
- उसके परिवार की दो ऊंटनियों ने बच्चों को जन्म दिया था, जिसके बाद उसने सरकारी प्रावधानों के तहत ऊंट संरक्षण योजना में अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए पशुपालन विभाग में ऑनलाइन आवेदन किया था।
- नियम के मुताबिक, इन आवेदनों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) क्षेत्र के पशु चिकित्सक और पशुधन सहायक द्वारा किया जाना जरूरी होता है।
- आरोप है कि सत्यापन रिपोर्ट लगाने और अनुदान राशि स्वीकृत करवाने की एवज में पशुधन सहायक सोनू ने 4 हजार रुपए की अवैध मांग की।
एसीबी का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद बाड़मेर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नरेंद्र कुमार अणखिया के निर्देश पर शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया।
- पहला चरण: सत्यापन के दौरान ही आरोपी पशुधन सहायक ने परिवादी से 1 हजार रुपए ले लिए और शेष राशि काम पूरा होने पर देने को कहा।
- दूसरा चरण (ट्रैप कार्रवाई): सोमवार को जैसे ही परिवादी ने तय सौदे के मुताबिक बाकी बचे 3 हजार रुपए आरोपी सोनू को सौंपे, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। रिश्वत की राशि आरोपी के पास से बरामद कर ली गई है।
मामले के मुख्य बिंदु एक नजर में
| बिंदु (Point) | विवरण (Details) |
| कार्रवाई करने वाली एजेंसी | बाड़मेर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) |
| कार्रवाई का स्थान | पशुपालन विभाग, मोहनगढ़ (जैसलमेर) |
| गिरफ्तार आरोपी | सोनू (पशुधन सहायक) |
| रिश्वत की कुल मांग | 4,000 रुपए (1,000 पहले लिए, 3,000 लेते ट्रैप) |
| संदिग्ध भूमिका | स्थानीय पशु चिकित्सक (पूछताछ के लिए डिटेन) |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री ऊंट संरक्षण योजना |
क्या है ‘ऊंट संरक्षण योजना’?
राजस्थान का राज्य पशु ऊंट (Registan Ka Jahaz) लगातार घटती संख्या के कारण संकट में है। ऊंटों के कुनबे को बढ़ाने और पशुपालकों को आर्थिक संबल देने के लिए राज्य सरकार ने ऊंट संरक्षण योजना की शुरुआत की है।
- प्रावधान: इस योजना के तहत जब किसी पशुपालक की ऊंटनी बच्चे को जन्म देती है, तो विभाग द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद लाभार्थी के बैंक खाते में 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता (अनुदान राशि) दो किस्तों में ट्रांसफर की जाती है।
- भ्रष्टाचार के इस मामले ने साफ़ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँचाने के जिम्मेदार ही किस तरह योजनाओं में पलीता लगा रहे हैं।
फिलहाल, बाड़मेर एसीबी की टीम आरोपी पशुधन सहायक और डिटेन किए गए पशु चिकित्सक से गहन पूछताछ कर रही है। विभाग के अन्य कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
