जयपुर, राजधानी जयपुर इन दिनों राष्ट्रभक्ति के रंग में डूबी हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित हो रही 78वीं सेना दिवस परेड-2026 की मंगलवार को जगतपुरा स्थित महल रोड पर तीसरी एवं अंतिम ‘फुल ड्रेस रिहर्सल’ संपन्न हुई। यह पहला अवसर है जब आर्मी एरिया से बाहर जनसामान्य के बीच इस भव्य परेड का आयोजन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में युवाओं, महिलाओं और बच्चों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
आसमान में गरजे हेलिकॉप्टर, जमीन पर दिखा ‘भीष्म’ का दम
रिहर्सल के दौरान भारतीय सेना ने अपनी आधुनिक युद्ध क्षमता का लोहा मनवाया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे:
- हवाई प्रदर्शन: अपाचे, प्रचंड और चेतक हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट ने आसमान को गुंजायमान कर दिया।
- अत्याधुनिक हथियार: स्वदेशी भीष्म टैंक, अर्जुन मार्क-1, ब्रह्मोस मिसाइल और नाग मिसाइल सिस्टम ने भारत की सामरिक शक्ति का प्रदर्शन किया।
- भविष्य की तकनीक: पहली बार रोबोटिक डॉग्स और नवगठित भैरव बटालियन द्वारा ड्रोन शक्ति (ईगल प्रहार) का प्रदर्शन किया गया, जो 4000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम हैं।
साहस और संतुलन का अद्भुत संगम
सेना के जवानों ने मोटरसाइकिल पर पिरामिड निर्माण, एक टायर पर सवारी और राष्ट्रीय प्रतीकों (अशोक स्तंभ व कमल) की आकृतियां बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आर्मी बैंड की धुन और घुड़सवार टुकड़ियों (61 कैवेलरी) की अनुशासित कदमताल ने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। इस बार नेपाली आर्मी बैंड की भागीदारी भी विशेष चर्चा में रही।
आत्मनिर्भर भारत की भव्य झलक
परेड के दौरान ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ की झांकियों के माध्यम से स्वदेशी तकनीक पर बल दिया गया। यह आयोजन न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि सेना और आमजन के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक भी है। राजस्थान की कला-संस्कृति के प्रदर्शन ने इस सैन्य आयोजन में स्थानीय रंग भर दिए।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस ने यातायात, पार्किंग और चिकित्सा सेवाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए विशेष दीर्घाएं बनाई गई हैं। गौरतलब है कि दिल्ली से बाहर सेना दिवस परेड की मेजबानी करने वाला जयपुर देश का चौथा शहर बन गया है।
मुख्य आयोजन: 15 जनवरी को सेना दिवस के अवसर पर मुख्य परेड का आयोजन होगा, जिसमें देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।
