जयपुर। राजस्थान में सरकारी भर्तियों में फर्जीवाड़े के खिलाफ जारी अभियान के तहत एसओजी (SOG) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती-2022 में खेल कोटे का लाभ लेकर फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले 19 शिक्षकों सहित कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि इन अभ्यर्थियों ने ताइक्वांडो के फर्जी सर्टिफिकेट लगाए थे, जिनका सत्यापन गिरोह ने दुबई से एक फर्जी मेल आईडी के जरिए कराया था।
दुबई कनेक्शन और स्पेलिंग का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई थी। शातिर दिमाग अपराधियों ने असल आईडी में ‘Secretary’ शब्द की स्पेलिंग में से एक ‘a’ अक्षर बदलकर फर्जी आईडी तैयार की। इस फर्जी मेल आईडी को दुबई से ऑपरेट किया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो। चयन बोर्ड ने जब सत्यापन के लिए मेल भेजा, तो गिरोह ने इसी फर्जी आईडी से सकारात्मक रिपोर्ट भेज दी, जिसे बोर्ड ने सच मान लिया।
14 जिलों में छापेमारी, 8 महिला शिक्षक भी शामिल
एसओजी की टीमों ने डीआईजी परिस देशमुख के नेतृत्व में प्रदेश के 14 जिलों में एक साथ छापेमारी की। गिरफ्तार किए गए 19 शिक्षकों में 8 महिलाएं भी शामिल हैं। पकड़े गए शिक्षक चूरू, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, नागौर, जालौर, जोधपुर और बीकानेर सहित कई अन्य जिलों में कार्यरत थे। मामले का मुख्य सरगना झारखंड निवासी विमलेंदु झा और उसका सहयोगी रवि शर्मा बताया जा रहा है, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
शिक्षा विभाग की गोपनीयता पर सवाल
इस पूरे मामले ने चयन बोर्ड और शिक्षा विभाग की वेरिफिकेशन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि विभाग द्वारा फेडरेशन को भेजे गए गोपनीय ईमेल की जानकारी गिरोह तक कैसे पहुंची। अंदेशा जताया जा रहा है कि विभाग के भीतर से ही किसी ने यह जानकारी लीक की थी, जिसके बाद गिरोह ने फर्जी आईडी बनाकर सत्यापन का खेल रचा।
