जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार गौ संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश में ‘गौ सेवा नीति-2026’ लाने की घोषणा की है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य गौवंश की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।
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पीएम मोदी के ‘चार जातियों’ के संकल्प को मिलेगी मजबूती मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुसार देश की चार प्रमुख जातियों— किसान, महिला, युवा और मजदूर के सर्वांगीण कल्याण के संकल्प को साकार करेगी। गौ सेवा नीति के माध्यम से पशुपालन को एक लाभप्रद व्यवसाय के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर किसान और ग्रामीण महिलाएं लाभान्वित होंगी।
पशुपालकों के लिए बड़ी योजनाएं बनीं आधार राज्य सरकार पहले ही कई योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को संबल प्रदान कर रही है:
- मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना: पशुओं की असमय मृत्यु पर वित्तीय सुरक्षा।
- राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना: पशुपालकों को आसान ऋण सुविधा।
- मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना: दुग्ध उत्पादकों को बोनस के माध्यम से राहत।
गौशालाओं के अनुदान में ऐतिहासिक वृद्धि गौवंश के संरक्षण को व्यावहारिक रूप देने के लिए पंजीकृत गौशालाओं को दिए जाने वाले अनुदान को प्रभावी बनाया गया है:
- बड़े पशु के लिए: 50 रुपये प्रतिदिन का अनुदान।
- छोटे पशु के लिए: 25 रुपये प्रतिदिन का अनुदान।
“गौ माता की सेवा हमारे संस्कारों में है। ‘गौ सेवा नीति-2026’ के माध्यम से हम तकनीक और परंपरा का संगम करेंगे ताकि प्रदेश का पशुधन सुरक्षित रहे और हमारा किसान समृद्ध बने।” — भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
