चित्तौड़गढ़ में ACB का ‘डबल प्रहार’: ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक 2.10 लाख की रिश्वत लेते ट्रैप

By Admin

चित्तौड़गढ़ – चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन पंचायत समिति के सिंहपुर ग्राम पंचायत कार्यालय में सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन पर्दे के पीछे भ्रष्टाचार का एक बड़ा खेल अपने अंतिम चरण में था। विकास कार्यों के बिल पास करने के नाम पर नोटों की गड्डियों और चेक का लेन-देन होने ही वाला था। जैसे ही ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक की हथेलियों पर 2.10 लाख रुपये की रिश्वत (नकद और चेक) पहुंची, अचानक वहां मौजूद कुछ ‘अंजान’ चेहरे हरकत में आ गए। ये कोई और नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम के जांबाज थे। पलक झपकते ही रिश्वत का यह खेल खत्म हो गया और दोनों भ्रष्ट अधिकारियों के हाथों में कानून की हथकड़ियां थीं। एसीबी के इस ‘डबल अटैक’ से पूरे दफ्तर में हड़कंप मच गया।

2.10 लाख की घूस लेते रंगे हाथों दबोचा

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एसीबी चित्तौड़गढ़ इकाई ने इस बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने ग्राम पंचायत सिंहपुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पारस राम विश्नोई और कनिष्ठ सहायक बाबू लाल शर्मा को गिरफ्तार किया है। दोनों को कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। हैरानी की बात यह है कि रिश्वत की यह रकम सिर्फ नकद में नहीं थी, बल्कि इसमें 70,000 रुपये नकद और 1,40,000 रुपये का चेक शामिल था, जिसे आरोपी बेखौफ होकर स्वीकार कर रहे थे।

12.80 लाख के बिल पास करने की एवज में मांगी रिश्वत

एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी फर्म के माध्यम से ग्राम पंचायत सिंहपुर क्षेत्र में करीब 12 लाख 80 हजार रुपये के विकास कार्य कराए गए थे। मई और जून 2025 के इन कार्यों से संबंधित सात बिलों की ऑनलाइन फीडिंग और भुगतान बकाया था। इसी भुगतान को क्लीयर करने की एवज में वीडीओ पारस राम और सहायक बाबू लाल लगातार 2.10 लाख रुपये की अवैध रिश्वत मांग रहे थे और परिवादी को परेशान कर रहे थे।

शिकायत का सत्यापन और सुनियोजित ट्रैप

परिवादी द्वारा बार-बार परेशान किए जाने के बाद उसने एसीबी का दरवाजा खटखटाया। एसीबी ने शिकायत का विधिवत और गोपनीय तरीके से सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एक विशेष टीम गठित की गई। उप अधीक्षक पुलिस हरिश्चन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने सिंहपुर पंचायत में जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक, जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की राशि और चेक सौंपा गया, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही धर दबोचा।

पंचायत में हड़कंप, गहन पूछताछ जारी

एक साथ दो अधिकारियों के ट्रैप होने से पंचायत कार्यालय और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसीबी के महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह के सुपरविजन में आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पंचायत स्तर पर भुगतान के नाम पर यह रिश्वतखोरी कोई नया मामला नहीं है। एसीबी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कार्मिक को बख्शा नहीं जाएगा।

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