जयपुर/जालोर, राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) राजस्थान, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जोधपुर और जालोर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में जालोर जिले के कालवीया गांव में चल रही एक सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने 4.910 किलोग्राम अवैध MD (मेफेड्रोन) बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अत्याधुनिक लैब और केमिकल जखीरा बरामद
पुलिस जब कालवीया गांव के एक संदिग्ध मकान में दाखिल हुई, तो वहां का नज़ारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपियों ने घर के अंदर ही MD तैयार करने के लिए एक हाई-टेक लैब स्थापित कर रखी थी। मौके से जब्त सामग्री:
- ड्रग्स: 4.910 किलोग्राम तैयार MD.
- केमिकल: 4 ड्रम अज्ञात संदिग्ध रसायन और कच्चे माल की भारी मात्रा।
- उपकरण: 20,000 ml के बोरोसिल कांच के जार, मैग्नेटिक स्टिरर (हॉट प्लेट), वजन मशीनें, रबर पाइप और थर्मामीटर।
अधिकारियों के नेतृत्व में सटीक स्ट्राइक
यह पूरा ऑपरेशन एटीएस व ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार और एनसीबी राजस्थान के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी के कुशल निर्देशन में अंजाम दिया गया। पिछले एक महीने से एजेंसियां तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट्स के जरिए इस नेटवर्क को ट्रैक कर रही थीं।
तीन सगे तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से तीन मुख्य आरोपियों को दबोचा है, जो इस फैक्ट्री को संचालित कर रहे थे:
- आशाराम (40) – निवासी कालवीया का गोलिया खारा।
- हनुमानराम (50) – निवासी कालवीया का गोलिया खारा।
- पुखराज (27) – निवासी बलवानी नाड़ी खारा।
हजारों जिंदगियों को बचाने वाली कार्रवाई
जांच में खुलासा हुआ है कि बरामद कच्चे माल और केमिकल से इस जखीरे को 10 गुना तक बढ़ाया जा सकता था। यह खेप आने वाले कुछ ही दिनों में राजस्थान के स्थानीय बाजारों और अन्य राज्यों में सप्लाई होनी थी। ANTF की इस मुस्तैदी ने हजारों युवाओं को नशे की गर्त में जाने से पहले ही बचा लिया।
