करौली, राजस्थान के करौली जिले के टोडाभीम, मंडरायल (रोधई) और सपोटरा (इनायती) क्षेत्रों में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन के इस संगम में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान न केवल धार्मिक उल्लास दिखा, बल्कि जातिभेद मिटाने और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी सशक्त संदेश दिया गया।
टोडाभीम: 1100 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा

टोडाभीम कस्बे के पावर हाउस के पास आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 1100 महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा रही। बैंड-बाजों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने पूरे कस्बे को भक्तिमय कर दिया। कस्बे में जगह-जगह रंगोलियां सजाई गईं और पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस उपाधीक्षक मुरारी लाल मीना सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
मंडरायल: “जातिभेद धर्म का हिस्सा नहीं, बल्कि एक बुराई”
मंडरायल के रोधई मंडल में संघ शताब्दी के अवसर पर आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज को नई दिशा दी।
- डॉ. वंदना (जिला महिला समन्वयन कार्यवाहिका): उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भविष्य की पीढ़ी के लिए अनिवार्य बताया। साथ ही समरसता पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी जाति छोटी या बड़ी नहीं है, हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं।
- भरतलाल रानीपुरा (विभाग सह कार्यवाह): उन्होंने कुटुम्ब प्रबोधन पर चर्चा करते हुए पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने संयुक्त परिवार की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि परिवारों का टूटना हमारी संस्कृति के लिए घातक है।
इनायती: सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण
सपोटरा के इनायती में आयोजित सम्मेलन में सभी समाजों के लोगों ने एक साथ भाग लेकर सामाजिक एकता की मिसाल पेश की। यहाँ भी भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लखन लाल मीना, सहायक निदेशक पवन गुप्ता और साध्वी सहित कई कथावाचक मौजूद रहे। यहाँ मुख्य रूप से जनसंख्या वृद्धि की चुनौतियां, भाईचारा और हिंदू एकता जैसे विषयों पर विमर्श किया गया।
प्रमुख उपस्थिति
इस विशाल आयोजन में महादेव सिंह, रामरज, सौरभ सिंह, ईश्वर प्रसाद, रामस्वरूप मीना, विष्णु कुम्हार, गजेंद्र सिंह जादौन और चंद्रपाल सिंह सहित आयोजन समिति के अनेक कार्यकर्ता और सर्व समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
