नई दिल्ली/जयपुर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी 2026 को संसद में लगातार 9वीं बार बजट पेश कर इतिहास रच दिया। मोदी सरकार के इस बजट का मुख्य केंद्र ‘युवा शक्ति’, ‘सरल टैक्स व्यवस्था’ और ‘मेडिकल रिलीफ’ रहे। हालांकि, इनकम टैक्स की दरों (Slabs) में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू होने की घोषणा ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है।
1. टैक्स और निवेश: क्या बदला?
वित्त मंत्री ने करदाताओं के लिए अनुपालन (Compliance) को आसान बनाने पर जोर दिया है।
- नया आयकर अधिनियम 2025: 1 अप्रैल 2026 से नया कानून लागू होगा, जिससे टैक्स रिटर्न भरना और विवादों का निपटारा सरल होगा।
- TCS में भारी कटौती: विदेश घूमना और विदेश में पढ़ाई/इलाज अब सस्ता होगा। विदेश भेजे जाने वाले पैसे और टूर पैकेज पर TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
- MACT क्लेम टैक्स फ्री: सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे (Award) पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा।
- ITR सुधारने का मौका: संशोधित रिटर्न (Revised ITR) भरने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।
- F&O ट्रेडिंग महंगी: फ्यूचर्स पर STT बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शन्स पर 0.15% कर दिया गया है।
2. स्वास्थ्य और आम आदमी: क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा?
| श्रेणी | सस्ता हुआ (Cheaper) | महंगा हुआ (Dearer) |
| मेडिकल | कैंसर की 17 दवाएं और दुर्लभ बीमारियों का इलाज | – |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | माइक्रोवेव ओवन, मोबाइल पार्ट्स, सोलर ग्लास | इम्पोर्टेड छाते |
| ट्रैवल | विदेश यात्रा (TCS घटा), हवाई जहाज के पुर्जे | – |
| निवेश | – | फ्यूचर्स एंड ऑप्शन्स (F&O) ट्रेडिंग |
3. राजस्थान के लिए बजट का ‘नंबर गेम’
राजस्थान के लिए किसी विशेष बड़े पैकेज या नई ट्रेन का सीधा ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन कुछ अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है:
- सोलर इंडस्ट्री को बूस्ट: सोलर ग्लास में उपयोग होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर ड्यूटी हटने से राजस्थान के सोलर हब को मजबूती मिलेगी।
- बुलेट ट्रेन: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में फिलहाल जयपुर या जोधपुर का नाम शामिल नहीं है।
- अरावली की अनदेखी: उत्तराखंड और हिमाचल के लिए ‘माउंटेन ट्रेल्स’ घोषित हुए, लेकिन अरावली पर्वतमाला को कोई विशेष स्थान नहीं मिला।
4. इन्फ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की योजनाएं
- 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर: दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-पुणे सहित 7 नए कॉरिडोर विकसित होंगे।
- सीप्लेन और टूरिज्म: भारत में ही सीप्लेन निर्माण के लिए इंसेंटिव दिया जाएगा। 15 पुरातात्विक स्थलों को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाया जाएगा।
- ग्रीन एनर्जी: बायोगैस मिश्रित सीएनजी (Blended CNG) पर एक्साइज ड्यूटी खत्म। कार्बन कैप्चर के लिए ₹20,000 करोड़ का फंड।
- शिक्षा और महिला कल्याण: हर जिले में STEM छात्राओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल और स्कूलों में AVGC (एनिमेशन-गेमिंग) लैब्स खुलेंगी।
5. बजट की अन्य बड़ी घोषणाएं
- ग्लोबल बिग कैट समिट: भारत पहली बार 95 देशों की मेजबानी करेगा। बाघ, शेर और चीतों के संरक्षण पर रणनीति बनेगी।
- नगर निगमों को इनाम: ₹1,000 करोड़ से बड़ा बॉन्ड जारी करने वाले नगर निगम को ₹100 करोड़ का प्रोत्साहन मिलेगा।
- SME ग्रोथ फंड: छोटे उद्योगों को ग्लोबल चैंपियन बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन।
निष्कर्ष: बजट 2026 पूरी तरह से डिजिटल गवर्नेंस, ग्रीन एनर्जी और ईज ऑफ लिविंग (Ease of Living) पर केंद्रित है। हालांकि मध्यम वर्ग को टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन TCS में कटौती और टैक्स नियमों के सरलीकरण ने एक बड़ी राहत जरूर दी है।
