राजस्थान में ‘सड़क क्रांति’: मात्र 2 साल में बनी 16,864 किमी सड़कें, पिछली सरकार का रिकॉर्ड टूटा

जयपुर, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण मंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को विधानसभा में प्रदेश के सड़क नेटवर्क को लेकर सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि वर्तमान सरकार सड़कों के विकास और कनेक्टिविटी के मामले में पिछली सरकार से कहीं आगे निकल चुकी है।

पिछली सरकार बनाम वर्तमान सरकार: आंकड़ों की जुबानी

मंत्री दिया कुमारी ने सदन में तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए वर्तमान सरकार की गति को रेखांकित किया:

विवरणगत सरकार (5 वर्ष)वर्तमान सरकार (मात्र 2 वर्ष)
नवीन सड़कों का निर्माण13,160 किलोमीटर16,864 किलोमीटर
सड़कों से जुड़े गांव1,104 गांव1,717 गांव
नवीनीकरण पर व्यय₹12,300 करोड़₹8,450 करोड़ (अब तक)

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि हमने मात्र दो साल में पिछली सरकार के पांच साल के कार्यकाल से अधिक नई सड़कों का जाल बिछा दिया है।


भेदभाव रहित बजट आवंटन का दावा

दिया कुमारी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2022-23 और 2023-24 के बजट में तत्कालीन विपक्ष (वर्तमान सरकार के विधायकों) की अनुशंसाओं को पूरी तरह अनदेखा किया गया था।

“हमारी सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के सभी विधायकों से अनुशंसाएं प्राप्त की हैं। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की स्वीकृतियां जारी की गई हैं।”


पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र की स्थिति

विधायक चेतन पटेल कोलाना द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि पीपल्दा क्षेत्र के लिए विशेष कार्ययोजना लागू है:

  • विधायक द्वारा अनुशंसित 12 सड़कों (6 नॉन-पेचेबल और 6 मिसिंग लिंक) में से 8 सड़कों की स्वीकृति जारी हो चुकी है।
  • इनमें से 7 सड़कों की निविदा (Tender) प्रक्रियाधीन है, जो 2 फरवरी तक प्राप्त कर ली जाएगी।
  • 1 सड़क का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है, जबकि शेष सड़कों का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मिसिंग लिंक सड़कों के माध्यम से उन गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जा रहा है जो अब तक कटे हुए थे।

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