जयपुर, 24 जनवरी। राजस्थान अब केवल अपनी ऐतिहासिक विरासतों और किलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन का एक वैश्विक मॉडल बनकर उभरा है। राज्य सरकार की नई नीतियों और ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे अभियानों के चलते प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
घरेलू पर्यटन में रिकॉर्ड वृद्धि
पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ के अनुसार, प्रदेश में घरेलू पर्यटकों के आगमन में पिछले वर्ष की तुलना में 9.74 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। जहां एक ओर वैश्विक स्तर पर विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट देखी गई, वहीं राजस्थान ने अपनी मजबूत ब्रांडिंग के बल पर इस गिरावट को बहुत हद तक नियंत्रित रखा है।
“भारत में सितंबर 2025 तक विदेशी पर्यटकों के आगमन में 12.53% की कमी आई है, लेकिन राजस्थान में यह गिरावट मात्र 6.4% रही है, जो प्रदेश के प्रति विदेशी सैलानियों के अटूट आकर्षण को दर्शाता है।” — रुक्मणि रियाड़, पर्यटन आयुक्त
नई नीतियां और वैश्विक ब्रांडिंग
पर्यटन विभाग ने वर्ष 2025 में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनका सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है:
- नई नीतियां: दिसंबर 2025 में लागू हुई ‘राजस्थान पर्यटन नीति 2025’ और ‘राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025’ ने निवेशकों और फिल्म निर्माताओं के लिए नए द्वार खोल दिए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति: राजस्थान ने बर्लिन, बीजिंग, टोक्यो, लंदन और अमेरिका के प्रमुख ट्रैवल मार्ट्स में सहभागिता कर अपनी वैश्विक मार्केटिंग को सुदृढ़ किया है।
- नवाचार: ऐतिहासिक स्मारकों के साथ-साथ अब धार्मिक सर्किट, ग्रामीण पर्यटन और एडवेंचर फेस्टिवल्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भविष्य की राह: निवेश और रोजगार
पर्यटन आयुक्त ने बताया कि जयपुर में आयोजित होने वाले ‘ग्रेट इंडिया ट्रैवल बाजार’ और अन्य अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से विदेशी टूर ऑपरेटर्स को आकर्षित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है ताकि पर्यटकों को बेहतरीन अनुभव मिले और ‘रिपीट टूरिज्म’ (सैलानियों का बार-बार आना) को बढ़ावा मिल सके।
