जयपुर, गुलाबी नगरी के कला प्रेमियों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए एक अच्छी खबर है। आयुर्वेद विभाग द्वारा 15 से 18 जनवरी 2026 तक जवाहर कला केंद्र (JKK) के शिल्प ग्राम में ‘राज्य स्तरीय विशाल आरोग्य मेला’ आयोजित किया जा रहा है। चार दिवसीय इस मेले में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का संगम देखने को मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा करेंगे शुभारंभ
मेले का विधिवत उद्घाटन 15 जनवरी को उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा करेंगे। समारोह में सांसद मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सर्राफ, बालमुकुंद आचार्य, गोपाल शर्मा, पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर सहित आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
एक ही छत के नीचे 6 चिकित्सा पद्धतियां
आरोग्य मेले का मुख्य उद्देश्य आमजन को प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है। मेले में निम्नलिखित पद्धतियों की सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी:
- आयुर्वेद एवं योग
- प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy)
- यूनानी एवं सिद्धा
- होम्योपैथी
मेले की मुख्य विशेषताएं:
- निःशुल्क परामर्श: विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा विभिन्न रोगों के लिए मुफ्त परामर्श और उपचार।
- औषधि प्रदर्शनी: आयुष औषधियों और दुर्लभ जड़ी-बूटियों की विशेष प्रदर्शनी।
- जीवनशैली परामर्श: आधुनिक जीवन में आयुष आधारित दिनचर्या अपनाने के टिप्स।
- लाइव डेमो: योग और प्राकृतिक चिकित्सा की विभिन्न क्रियाओं का जीवंत प्रदर्शन।
तैयारियां पूर्ण, विभाग मुस्तैद
आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने तैयारियों की समीक्षा कर ली है। मेला नोडल अधिकारी डॉ. बत्तीलाल बैरवा ने बताया कि आगंतुकों की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। प्रेस मीडिया प्रभारी डॉ. लक्ष्मण सैनी के अनुसार, यह मेला राजस्थान में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
