राजस्थान मतदाता सूची पुनरीक्षण: विशेष रोल पर्यवेक्षक ने की समीक्षा; पारदर्शिता के लिए राजनीतिक दलों के साथ हुई अहम बैठक

जयपुर, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 का कार्य अंतिम चरणों में है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए मंगलवार को शासन सचिवालय में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त विशेष रोल पर्यवेक्षक अदिति सिंह (IAS) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

पुनरीक्षण अभियान का विशाल नेटवर्क

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि यह अभियान राज्य के 41 जिलों की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। इस कार्य की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें:

  • 41 जिला निर्वाचन अधिकारी और 200 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी।
  • 61,404 बीएलओ (BLO) और 6,373 बीएलओ पर्यवेक्षक।
  • 2.03 लाख से अधिक स्वयंसेवक और 1.06 लाख से अधिक बीएलए (BLA) सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

मतदान केंद्रों में इजाफा और मतदाता मैपिंग

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (Rationalization) किया है। अब केंद्रों की संख्या 52,469 से बढ़ाकर 61,404 कर दी गई है। पुनरीक्षण के दौरान कुल 5.46 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र जारी किए गए, जिनमें से 5.04 करोड़ मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल किए गए हैं। विभाग ने डेटाबेस आधारित मैपिंग के जरिए 98.36% मतदाताओं की सफल पहचान सुनिश्चित की है।

दावा-आपत्ति और पारदर्शिता की प्रक्रिया

महाजन ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 को प्रारूप सूची का प्रकाशन किया गया था। वर्तमान में दावा-आपत्ति (Notice Phase) का चरण चल रहा है जो 7 फरवरी 2026 तक जारी रहेगा।

  • अब तक लगभग 8.28 लाख मतदाताओं को दस्तावेज सत्यापन हेतु नोटिस जारी किए गए हैं।
  • पारदर्शिता के लिए सभी राजनीतिक दलों को एएसडी (ASD) सूचियाँ उपलब्ध कराई गई हैं।
  • सूची से संबंधित विवरण मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

पर्यवेक्षकों की कड़ी निगरानी

विशेष रोल पर्यवेक्षक अदिति सिंह ने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र मतदाता अंतिम सूची से वंचित न रहे। रोल पर्यवेक्षक प्रत्येक जिले का न्यूनतम तीन बार भ्रमण करेंगे—दावा-आपत्ति प्राप्ति के दौरान, उनके निस्तारण के समय और अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले।

राजस्थान में अपनाई जा रही इन ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का अध्ययन करने के लिए अन्य राज्यों के निर्वाचन अधिकारी भी राजस्थान का दौरा कर रहे हैं। बैठक में संभाग प्रभारी अधिकारियों के साथ शाहपुरा, बस्सी, चौमू एवं हवामहल के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी मौजूद रहे।

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