चित्तौड़गढ़: प्रभारी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने रात्रि चौपाल में सुनी जन समस्याएं; नए कानून ‘VB-जीरामजी’ को बताया ग्रामीण सशक्तिकरण का आधार

चित्तौड़गढ़, महिला एवं बाल विकास तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग राज्य मंत्री और चित्तौड़गढ़ जिला प्रभारी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने मंगलवार को निंबाहेड़ा उपखंड की ग्राम पंचायत ढोरिया में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने न केवल जन समस्याओं का समाधान किया, बल्कि केंद्र सरकार के नए ऐतिहासिक कानून वी.बी.-जीरामजी (विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका गारंटी मिशन अधिनियम 2025) की बारीकियों से भी जनता को अवगत कराया।

मौके पर निस्तारण: 41 परिवादों पर त्वरित कार्रवाई

रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने कुल 41 परिवाद पेश किए। डॉ. बाघमार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया। शेष प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारियों को 3 से 4 दिन के भीतर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए।

प्रमुख घोषणाएँ और उपलब्धियाँ:

  • आंगनवाड़ी भवन: ढोरिया में आंगनवाड़ी भवन की मांग पर मंत्री ने DMFT मद से निर्माण के निर्देश दिए।
  • पशु चिकित्सालय: ग्राम में पशु चिकित्सालय की स्थापना के लिए बजट प्रस्ताव भिजवाने की घोषणा की।
  • लाभ वितरण: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास की दूसरी किस्त और उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन लाभार्थियों को सौंपे गए।
  • प्रतिभा सम्मान: परीक्षा में उत्कृष्ट अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

VB-जीरामजी: मनरेगा की जगह अब ‘पारदर्शी’ रोजगार

प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 की मनरेगा योजना में समय के साथ आईं विसंगतियों को दूर कर अब वी.बी.-जीरामजी अधिनियम 2025 लागू किया गया है। यह नए भारत की तकनीक-सक्षम और भ्रष्टाचार मुक्त सोच का परिणाम है।

अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ:

  1. 125 दिन का रोजगार: अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष न्यूनतम 125 दिन का रोजगार मिलेगा (जो पहले से 25% अधिक है)।
  2. पारदर्शिता: रोजगार आवंटन पूरी तरह बायोमेट्रिक होगा।
  3. समय पर भुगतान: मजदूरी का भुगतान अधिकतम 15 दिनों में होगा। देरी होने पर श्रमिक को अनिवार्य मुआवजा मिलेगा।
  4. बेरोजगारी भत्ता: यदि आवेदन के 15 दिन बाद काम नहीं मिला, तो सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी।
  5. कृषि का ध्यान: फसल बुवाई और कटाई के समय राज्यों को 60 दिन का अस्थायी विराम देने का अधिकार होगा ताकि खेती प्रभावित न हो।

पंचायतों को मिलेगी अधिक शक्ति

डॉ. बाघमार ने स्पष्ट किया कि यह अधिनियम पंचायतों के अधिकारों को कम नहीं करता, बल्कि ग्राम सभा के माध्यम से कार्यों के चयन और सामाजिक लेखा परीक्षा (Social Audit) की शक्ति देकर उन्हें और मजबूत बनाता है।

इस अवसर पर निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम बताया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर आलोक रंजन, जिला परिषद सीईओ विनय पाठक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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