बांसवाड़ा , राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को बांसवाड़ा स्थित गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय (GGTU) के सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। विश्वविद्यालय के ‘माही भवन’ में आयोजित इस गरिमामय समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को उपाधियां और स्वर्ण पदक प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
बेटियों का दबदबा: स्वर्ण पदकों में छात्राओं ने मारी बाजी
समारोह के दौरान राज्यपाल ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महिला सशक्तिकरण के बढ़ते कदमों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 35 विद्यार्थियों में से 25 छात्राएं हैं। राज्यपाल ने इसे समाज में आ रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बताया।
शिक्षा ही वंचित समाज का संबल
राज्यपाल श्री बागडे ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
- पिछड़ेपन से मुक्ति: गरीब, पिछड़े और वंचित समाज को विकास की मुख्यधारा में लाने का एकमात्र सशक्त माध्यम शिक्षा है।
- शिक्षा का आधार: हमें प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि यही शिक्षा का मूल आधार है।
- आत्मविश्वास और परिश्रम: सफलता के लिए केवल बौद्धिक क्षमता ही नहीं, बल्कि कठोर परिश्रम और आत्मबल की आवश्यकता होती है।
“तक्षशिला-नालंदा का गौरव लौटाने का संकल्प लें”
हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा का स्मरण कराते हुए राज्यपाल ने कहा कि जब विश्व के अन्य देशों में उच्च शिक्षा का अभाव था, तब भारत में तक्षशिला और नालंदा जैसे महान विश्वविद्यालय थे। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं से आह्वान किया कि वे भारत के उस स्वर्णिम गौरव को पुनर्जीवित करने का प्रण लें और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करें।
दीक्षांत समारोह के प्रमुख आंकड़े
समारोह में कुल 33,329 अभ्यर्थियों को दीक्षा (Degrees) प्रदान की गई:
| श्रेणी | संख्या |
| स्नातक (UG) | 29,397 |
| स्नातकोत्तर (PG) | 3,903 |
| विद्यावाचस्पति (Ph.D.) | 29 |
| स्वर्ण पदक (Gold Medals) | 35 |
कुलगुरु ने प्रस्तुत किया प्रगति प्रतिवेदन
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर केशव सिंह ठाकुर ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में संकाय सदस्य, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी व उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
