नई दिल्ली: कांग्रेस के 141वें स्थापना दिवस (28 दिसंबर) के मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने न केवल भाजपा बल्कि खुद कांग्रेस को भी असहज कर दिया है। अक्सर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को ‘दीमक’ और ‘नफरत की नर्सरी’ कहने वाले दिग्विजय सिंह ने आज संघ की संगठन क्षमता (Organizational Strength) की खुलकर तारीफ की है।
वायरल पोस्ट: मोदी-आडवाणी की तस्वीर दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में पीएम मोदी (उस समय कार्यकर्ता के रूप में) जमीन पर बैठे हैं और आडवाणी कुर्सी पर। सिंह ने लिखा:
“मैं इस तस्वीर से प्रभावित हूं। किस तरह एक जमीनी स्वयंसेवक और कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बन गया? यह संगठन की शक्ति है।”
“बिना रजिस्ट्रेशन के इतना ताकतवर संगठन” दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा, “मैं शुरू से कहता आ रहा हूं कि मैं संघ की विचारधारा का घोर विरोधी हूं। वे न संविधान को मानते हैं, न देश के कानून को। RSS एक अनरजिस्टर्ड (अपंजीकृत) संस्था है। लेकिन मैं उनकी संगठन क्षमता का प्रशंसक हूं कि बिना रजिस्टर्ड हुए भी वे इतने शक्तिशाली हो गए हैं कि पीएम उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा NGO बताते हैं।”
कांग्रेस में खलबली: “गोडसे से कुछ नहीं सीखना” दिग्विजय सिंह के इस बयान पर कांग्रेस के अंदर ही विरोधाभास देखने को मिला। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जिस संगठन की पहचान गोडसे से हो, उससे गांधी के संगठन (कांग्रेस) को कुछ सीखने की जरूरत नहीं है।” वहीं, शशि थरूर जैसे नेताओं ने कहा कि यह दिग्विजय सिंह की निजी राय हो सकती है।
भाजपा का तंज: “देर आए दुरुस्त आए” दिग्विजय सिंह द्वारा संघ की तारीफ किए जाने पर भाजपा ने भी चुटकी ली है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि आखिर सच्चाई जुबान पर आ ही गई कि भाजपा और संघ का कार्यकर्ता निर्माण अद्वितीय है।
डैमेज कंट्रोल और सफाई विवाद बढ़ता देख दिग्विजय सिंह ने बाद में सफाई दी। उन्होंने कहा, “मेरे बयान को गलत न समझा जाए। मैंने सिर्फ ‘संगठन’ की तारीफ की है, विचारधारा की नहीं। कांग्रेस एक आंदोलन है, जबकि वे (RSS) कैडर-बेस संगठन हैं। हमें अपने संगठन को मजबूत करने की जरूरत है।”
