जयपुर: राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े और नकल गिरोह के खिलाफ एसओजी (SOG) ने एक और बड़ा एक्शन लिया है। वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा-2020 में फर्जी तरीके से परीक्षा में बैठने के मामले में एसओजी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि मूल अभ्यर्थी की जगह एक अन्य युवक परीक्षा केंद्र पर बैठा था और इसके लिए 5 लाख रुपए में पूरा सौदा तय हुआ था।

मूल अभ्यर्थी की जगह बैठा डमी कैंडिडेट
एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 के संबंध में एसओजी थाने में 26 सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि भरतपुर निवासी मूल अभ्यर्थी भारत मीणा (28) ने परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन तो किया था, लेकिन वह खुद परीक्षा देने नहीं गया। उसकी जगह जालौर निवासी दिनेश कुमार विश्नोई (29) परीक्षा देने पहुंचा था।

डिफ़ेंडर और सॉल्वर बने दिनेश ने परीक्षा केंद्र में अवैध रूप से प्रवेश किया। शातिर तरीके से प्रवेश पत्र और एडमिट कार्ड पर अपनी फोटो चिपकाई और भारत मीणा के फर्जी हस्ताक्षर कर परीक्षा दी ताकि किसी को शक न हो।
5 लाख रुपए में तय हुआ था नौकरी का सौदा
आईजी एसओजी अजयपाल लांबा ने बताया कि पूछताछ और अनुसंधान में सामने आया कि भारत मीणा ने भरतपुर जिले के ठेकड़ा निवासी डालूराम मीणा से संपर्क किया था। वनरक्षक भर्ती परीक्षा में नौकरी हासिल करने के लिए कुल 5 लाख रुपए में सौदा तय किया गया था। इसी डील के तहत डालूराम मीणा के माध्यम से डमी अभ्यर्थी दिनेश कुमार विश्नोई को भारत मीणा की जगह परीक्षा में बैठाया गया था।

24 अक्टूबर को हुई गिरफ्तारी, पूछताछ जारी
एसओजी की विशेष टीम ने लंबे समय से वांछित चल रहे दोनों आरोपियों को 24 अक्टूबर को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों में मूल अभ्यर्थी भारत मीणा और डमी अभ्यर्थी दिनेश कुमार विश्नोई शामिल हैं। एसओजी ने दोनों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट और सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के बाकी चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।