-विदेशी नंबरों से मौत का फरमान: पुर्तगाल और दुबई के व्हाट्सएप कॉल्स से 50 लाख से 30 करोड़ रुपये तक की फिरौती का खौफनाक खेल
-निशाने पर व्यापारी और नेता: श्रीगंगानगर, चूरू, सीकर और राजधानी जयपुर में सरेआम फायरिंग, टारगेट किलिंग और दहशत का साया
-AGTF का बड़ा पलटवार: लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग की कमर तोड़ने के लिए एन्टी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन, राजपासा और रासुका (NSA) का कड़ा प्रहार
जयपुर। राजस्थान, जिसे कभी शांति, पर्यटन और शौर्य की धरती माना जाता था, अब संगठित अपराध, खौफ और गैंगस्टर्स की पनाहगाह बनता जा रहा है। ‘Expose Now’ की इस स्पेशल और एक्सक्लूसिव पड़ताल में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि पिछले मात्र 3 सालों के भीतर प्रदेश में जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, प्रतिष्ठित व्यापारियों और आम नागरिकों से रंगदारी (Extortion), टारगेट किलिंग और डिजिटल माध्यमों से मौत की धमकियां देने के कुल 180 सनसनीखेज मामले दर्ज किए गए हैं। ‘Expose Now’ के पास मौजूद दस्तावेजों के गहन विश्लेषण से यह खौफनाक तस्वीर उभर कर सामने आई है कि किस तरह विदेशी नंबरों और सोशल मीडिया कॉल्स के जरिये प्रदेश के कारोबारियों को डराया जा रहा है। ‘Expose Now’ की यह ग्राउंड रिपोर्ट आपको उन 180 मामलों की तह तक ले जाएगी, जिन्होंने पुलिस महकमे और आम जनता की नींद उड़ा रखी है।
खौफ का नया नेटवर्क: विदेशी नंबरों और वर्चुअल कॉल्स से आ रही मौत की धमकियां-
‘Expose Now’ की इन्वेस्टिगेशन से पता चलता है कि अपराधी अब तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस से दो कदम आगे चलने की कोशिश कर रहे हैं। गैंगस्टर्स और उनके गुर्गे अब सीधे तौर पर सामने नहीं आते, बल्कि पुर्तगाल, दुबई, यूके जैसे देशों के वर्चुअल नंबरों (जैसे +351, +44, +971) का उपयोग करके व्हाट्सएप कॉल (WhatsApp Call) या वॉयस मैसेज के जरिए फिरौती मांगते हैं।
इन गिरोहों में मुख्य रूप से लॉरेंस बिश्नोई गैंग, रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़, अनमोल बिश्नोई, संपत नेहरा, हैरी बॉक्सर और वीरेन्द्र चारण जैसे कुख्यात अपराधियों के नाम सामने आ रहे हैं।
डिमांड और खौफ का तरीका:
-करोड़ों की डिमांड: फिरौती की यह रकम कुछ हजारों में नहीं, बल्कि 50 लाख रुपये से लेकर 30 करोड़ रुपये तक की होती है।
-फायरिंग कर दहशत फैलाना: अगर कोई व्यापारी पैसे देने से मना करता है या पुलिस के पास जाने की कोशिश करता है, तो गैंगस्टर्स के शूटर उनके घर, दुकान या होटल के बाहर जाकर अंधाधुंध फायरिंग करते हैं।
-टारगेट किलिंग: बात न मानने पर कई मामलों में टारगेट किलिंग जैसी खौफनाक वारदातों को भी अंजाम दिया गया है, ताकि पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन सके।
आतंक का विश्लेषण, कहाँ कितने मामले और कैसे फैला है जाल:-
‘Expose Now’ की रिसर्च टीम ने जब दर्ज मुकदमों का जिलेवार विश्लेषण किया, तो यह बात सामने आई कि अपराध का यह कैंसर पूरे प्रदेश में फैल चुका है, लेकिन कुछ जिले इसके मुख्य केंद्र बन चुके हैं।
-श्रीगंगानगर बना आतंक का एपीसेंटर: सबसे ज्यादा मामले श्रीगंगानगर जिले से सामने आए हैं। वर्ष 2023 में यहाँ एक्सटॉर्शन और धमकियों के 9 मामले थे, 2024 में 7 मामले दर्ज हुए, लेकिन 2025 में यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 31 (29 रंगदारी और 2 टारगेट किलिंग) तक पहुंच गया। यहाँ के व्यापारियों से लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के नाम पर करोड़ों रुपये मांगे गए।
-चूरू और सीकर की स्थिति: चूरू जिले में पिछले तीन सालों में एक्सटॉर्शन के 17 खौफनाक मामले सामने आए। सीकर जिले में भी टोल नाकों पर रंगदारी, होटल मालिकों से वसूली और टारगेट किलिंग के कई मामले दर्ज हुए, जहाँ गैंगस्टर्स ने 5-5 करोड़ रुपये की डिमांड रखी।
-राजधानी जयपुर का हाल: जयपुर के चारों जिलों (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) में प्रॉपर्टी डीलर्स, बिल्डर्स और होटल मालिकों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। जयपुर पश्चिम में 2023 में 4 एक्सटॉर्शन और 1 टारगेट किलिंग का मामला दर्ज हुआ।
-हनुमानगढ़ और डीडवाना-कुचामन: हनुमानगढ़ में टारगेट किलिंग और जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हुए, जिनमें सरेआम हत्याएं तक की गईं। इसी तरह डीडवाना-कुचामन में भी गैंगस्टर्स ने रंगदारी का बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया है।
गैंगस्टर्स के खौफनाक तरीके और चुनिंदा बिन्दुवार वारदातें:-
‘Expose Now’ आपके सामने उन खौफनाक वारदातों की बिन्दुवार डिटेल रख रहा है, जो दर्शाती हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को किस तरह चुनौती दी जा रही है:
- श्रीगंगानगर में 30 करोड़ की फिरौती: कोतवाली थाने में दर्ज एक सनसनीखेज मामले (मु.न. 300/2025) के अनुसार, श्रीगंगानगर के जी ब्लॉक निवासी प्रतिष्ठित व्यापारी अशोक चाण्डक से गैंगस्टर्स ने एक साथ 30 करोड़ रुपये की मांग की। पैसे न देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की खुली धमकी दी गई।
- श्रीगंगानगर में 10 करोड़ की डिमांड: सदर थाने के मु.न. 337/2025 के अनुसार, खुद को हैरी बॉक्सर बताने वाले एक अपराधी ने व्यापारी रविशंकर गुप्ता को विदेशी नंबर (+351929450242) से व्हाट्सएप वॉयस मैसेज भेजकर अनमोल बिश्नोई के नाम से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी।
- नीमराना (कोटपूतली-बहरोड़) में होटल पर फायरिंग: मुल्जिमों ने हाईवे किंग होटल पर अंधाधुंध फायरिंग की और एक पर्ची फेंककर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। यह मामला इतना गंभीर था कि बाद में इसकी जांच एनआईए (NIA) को सौंप दी गई (मु.न. 420/2024)।
- जयपुर में हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता को धमकी: जयपुर दक्षिण के गांधी नगर थाने (मु.न. 333/2025) में दर्ज मामले के अनुसार, एक वकील और हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता, जो अक्सर टीवी डिबेट्स में जाते हैं, उन्हें दुबई के एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने टीवी डिबेट्स में जाने को लेकर उनकी गर्दन धड़ से अलग करने की धमकी दी।
- जयपुर के जवाहर नगर में बिल्डर से 5 करोड़ की मांग: मु.न. 247/25 के अनुसार, तुलसीदास त्रिलोकानी को पुर्तगाल के नंबर (+351) से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताया और कहा, “अगर तेरी सलामती चाहता है तो 5 करोड़ की व्यवस्था कर ले, यह अनमोल बिश्नोई का स्पेशल मैसेज है… नहीं तो तेरे शरीर में इतनी गोलियां मारेंगे कि किसी लायक नहीं रहेगा”।
- हनुमानगढ़ में सरेआम हत्या (टारगेट किलिंग): संगरिया इलाके में धानमंडी के व्यापारी विकास जैन से मोबाइल पर फिरौती मांगी गई थी। जब उसने पैसे नहीं दिए, तो गैंगस्टर्स ने 12 सितंबर 2025 को उसकी दुकान में घुसकर उसे गोलियों से भून दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई (मु.न. 505/2025)।
- बीकानेर में डॉक्टर को जान से मारने की धमकी: नयाशहर बीकानेर में पिछले 15 साल से अस्पताल चला रहे एक शिशु रोग विशेषज्ञ को बदमाशों ने रात में घेर लिया और 25 लाख रुपये एकमुश्त तथा हर महीने 1 लाख रुपये की ‘मंथली बंधी’ (रंगदारी) देने को कहा। मना करने पर जान से मारने की धमकी दी गई (मु.न. 182/2025)।
- बीकानेर में घर पर 9 राउंड फायरिंग: बीकानेर सदर इलाके में रोहित गोदारा गैंग द्वारा फिरौती मांगने के बाद, मोटरसाइकिल पर हेलमेट पहनकर आए दो बदमाशों ने एक व्यापारी के घर के बाहर चौकी पर चढ़कर 9 राउंड अंधाधुंध फायरिंग की। व्यापारी ने लेटकर अपनी जान बचाई (मु.न. 325/2025)।
- झुंझुनूं में दुकान पर 5 राउंड फायरिंग: चिड़ावा कस्बे में मोटरसाइकिल पर आए दो अज्ञात बदमाशों ने लालचंद पेड़ा वाले की दुकान पर आकर क्षेत्रीय गैंग के नाम पर 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी और दहशत फैलाने के लिए 5 राउंड फायरिंग कर दी (मु.न. 317/2024)।
- सीकर में सीए (CA) से 5 करोड़ की रंगदारी: सीकर कोतवाली में दर्ज मामले (मु.न. 02/2025) के अनुसार, गैंगस्टर रोहित गोदारा ने एक सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) को व्हाट्सएप मैसेज भेजकर सीधे 5 करोड़ रुपये की मांग की।
- जालौर में शराब तस्कर की टारगेट किलिंग: सांचौर पुलिस थाने में दर्ज मामले के अनुसार, गैंगस्टर्स ने रंजिश के चलते शराब तस्कर लक्ष्मण राम देवासी की हत्या कर दी (मु.न. 424/2023)।
- अलवर में होटल मैनेजर के सिर पर रिवाल्वर से हमला: मुल्जिम स्विफ्ट कार से ओल्डराव होटल पहुंचे, गार्ड के सिर पर रिवाल्वर के बट से हमला किया और 50 लाख रुपये की रंगदारी की पर्ची फेंक कर फरार हो गए (मु.न. 868/2023)।
AGTF और पुलिस की रडार पर कैसे टूट रहा है अपराध का चक्रव्यूह:-
क्या पुलिस और प्रशासन इस बढ़ते ‘गैंगस्थान’ को रोकने के लिए मूकदर्शक बने हुए हैं? ‘Expose Now’ की इन्वेस्टिगेशन में यह भी सामने आया है कि सरकार और पुलिस महकमे ने इन संगठित गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए एक ठोस और समयबद्ध रणनीति तैयार की है।
- एन्टी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) का गठन:-
गैंगस्टर्स के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए राज्य स्तर पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ADG) श्री दिनेश एम.एन. के नेतृत्व में एक विशेष “एन्टी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF)” का गठन किया गया है। इस बल में 1 आईजी/डीआईजी, 1 एसपी, 2 एएसपी, 4 डीएसपी, 4 इंस्पेक्टर, 12 सब-इंस्पेक्टर और 40 कांस्टेबल शामिल किए गए हैं।
AGTF की मुख्य रणनीतियाँ और कार्यप्रणाली:
-डेटाबेस और आसूचना संकलन: मानवीय और तकनीकी खूफिया जानकारी (Technical Intelligence) का उपयोग कर सभी सक्रिय गैंग्स का एक बड़ा डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।
-जिला विशेष टीम (DST): हर जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) का गठन किया गया है, जिसमें साइबर सेल के सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
-निरोधात्मक कार्रवाइयां: खूंखार अपराधियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) 1980, राजपासा (RAJpasa 2006) और गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समाज में भय का माहौल खत्म हो।
-विशेष न्यायालय और जमानत रद्द करवाना: राज्य स्तर और जेलों के भीतर विशेष न्यायालयों की स्थापना का प्रस्ताव है ताकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्पीडी ट्रायल हो सके। साथ ही अपराधियों की जमानत निरस्त करवाने के लिए विशेष सरकारी वकीलों (Special PPs) की नियुक्ति की जा रही है।
- पुलिस और AGTF की बड़ी और सफल कार्रवाइयां:-
‘Expose Now’ की रिपोर्ट में दर्ज सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पुलिस ने हाल ही में कई बड़े अपराधियों को धूल चटाई है:
-महा-अभियान: 27 दिसंबर 2023 से 29 दिसंबर 2023 तक चले 3 दिवसीय विशेष अभियान में पूरे राज्य से 985 हिस्ट्रीशीटर, 54 हार्डकोर अपराधी, 31 इनामी बदमाश और 259 अन्य संगठित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर गैंगस्टर्स को फॉलो करने वाले 192 लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की गई।
-शार्प शूटर्स की गिरफ्तारी: चूरू पुलिस और AGTF की सूचना पर हत्या के इरादे से आए संपत नेहरा गैंग के तीन शार्प शूटरों (मोनू सोनी, मेहुल और अंकित) को हथियारों और कारतूसों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया गया।
-सम्पत्ति कुर्क और बुलडोजर कार्रवाई: प्रतापगढ़ में भूमाफिया और फिरौतीबाज जानू खान द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई 30 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क (Attach) करने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के मुख्य शूटर रोहित राठौड़ द्वारा किए गए अतिक्रमण (अवैध दीवार व गेट) को ध्वस्त किया गया।
-ड्रग्स माफियाओं पर प्रहार: 20 जनवरी 2024 को AGTF ने अवैध मादक पदार्थ तस्कर गैंग के सरगना रतन सिंह (टोडाभीम, गंगापुर सिटी) को गिरफ्तार किया। उसके पास से 1 क्विंटल 21 किलो गांजा, अफीम और डोडा पोस्त बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 1 करोड़ 21 लाख रुपये आंकी गई।
-मोस्ट वांटेड की दस्तयाबी: कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे अभय सिंह राठौड़, जिसने जयपुर के जी-क्लब (जवाहर सर्किल) में फायरिंग की थी, उसे वैशाली नगर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के फरार 50 हजार के इनामी शूटर शेर सिंह उर्फ शेरा पहलवान को भी दस्तयाब कर लिया गया।
‘Expose Now’ की यह एक्सक्लूसिव और विस्तृत पड़ताल साबित करती है कि राजस्थान में अपराध की प्रकृति बदल चुकी है। पारंपरिक अपराध की जगह अब हाई-टेक, कॉरपोरेट-स्टाइल संगठित अपराध ने ले ली है। जहाँ एक तरफ गैंगस्टर्स विदेशी नेटवर्क और आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर व्यापारियों के मन में दहशत भर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर AGTF और राजस्थान पुलिस अपनी पूरी ताकत के साथ इस ‘गैंगस्थान’ को वापस एक शांत प्रदेश में बदलने की जद्दोजहद में लगी है। यह लड़ाई लंबी है, लेकिन 180 मामलों का यह आंकड़ा इस बात का सुबूत है कि खौफ का यह कारोबार कितनी गहराई तक अपनी जड़ें जमा चुका है।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now