जयपुर। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के कॉर्पोरेट लेवल कंज्यूमर ग्रीवेंस रिड्रेसल फोरम (CLCGRF) ने मेसर्स सनसिटी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की वोल्टेज रिबेट (Voltage Rebate) और रिफंड से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। फोरम ने स्पष्ट किया कि 10 साल से भी अधिक पुराने मामलों में अब छूट या रिफंड का दावा मान्य नहीं होगा क्योंकि यह समय-सीमा (Time-barred) के बाहर है।
क्या था पूरा मामला?
सनसिटी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (खाता संख्या 03110348, झोटवाड़ा ब्रिज, जयपुर) ने फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी का कनेक्शन NDS-HT श्रेणी (SL 4000 KW, CD 2400 KVA) के तहत आता है। कंपनी का दावा था कि 33 KV उपभोक्ताओं को मिलने वाली वोल्टेज रिबेट उनके बिजली बिलों में नहीं जोड़ी गई थी:
अगस्त 2008 से सितंबर 2011: 1% की दर से छूट नहीं मिली।
क्टूबर 2011 से अप्रैल 2016: 3% की दर से छूट नहीं मिली।
कंपनी ने इस अवधि की छूट राशि को बिजली बिलों में एडजस्ट करने या रिफंड देने की मांग की थी।
डिस्कॉम का पक्ष और फोरम का निर्णय:-
-डिस्कॉम की दलील: विद्युत निगम (JVVNL) की ओर से एक्सईएन विवेक चौधरी ने पक्ष रखते हुए कहा कि उपभोक्ता ने यह दावा फरवरी 2026 में प्रस्तुत किया है, जो कि वर्षों पुराना और पूरी तरह से ‘टाइम-बार्ड’ (समय-बाधित) है।
–फोरम का फैसला: चेयरपर्सन आरती डोगरा, सदस्य योगेश कुमार यादव और RERC द्वारा नामित स्वतंत्र सदस्य उमाशंकर शर्मा की पीठ ने मामले की सुनवाई की। फोरम ने पाया कि मामला 10 वर्ष से अधिक पुराना है, इसलिए नियमानुसार पुराने समय की वोल्टेज रिबेट का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। फोरम ने कंपनी की याचिका खारिज करते हुए शिकायत का निस्तारण कर दिया। बैठक के विवरण के अनुसार, अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक) टी.सी. सिंघल ने संबंधित अधिकारियों को फोरम के निर्णय की पालना रिपोर्ट भेजने के निर्देश जारी किए हैं।