जयपुर: राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड में पोस (PoS) मशीन, आइरिस स्कैनर और ई-वेइंग स्केल प्रोजेक्ट के तहत निजी कंपनियों को किए गए भुगतान में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त की अध्यक्षता वाली 315 पेज की जांच रिपोर्ट में निविदा प्रक्रिया और क्रियान्वयन में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। रिपोर्ट में 7 आईएएस अधिकारियों सहित कुल 12 (अन्य दस्तावेजों के अनुसार कार्मिकों की कुल संख्या 19 तक) अधिकारियों और कर्मचारियों पर सवाल उठाए गए हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने 18 मई 2026 को इस मामले में सख्त कार्रवाई, अनियमित भुगतान की वसूली और वेंडर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे, हालांकि इसके बावजूद विभागीय स्तर पर फाइल 3 महीने तक ‘डिस्कस’ टिप्पणियों के बीच घूमती रही।

मुख्य अनियमितताएं और गड़बड़ियां
- बिना दस्तावेजों के करोड़ों का भुगतान: सितंबर 2021 से जून 2025 तक फर्मों को नियोजित मानव संसाधनों के मासिक भुगतान के सिस्टम जनरेटेड दस्तावेजी साक्ष्य प्राप्त किए बिना लगभग 98.93 करोड़ रुपए का गलत भुगतान कर दिया गया।
- बिना मानव संसाधन के भुगतान: ब्लॉक स्तर पर मानव संसाधन नहीं लगाए जाने के बावजूद 18.69 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए।

- शर्तों का उल्लंघन: एमआईएस एप्लीकेशन और पोस सिस्टम बैकअप संबंधी कार्य न होने के बावजूद वर्ष 2023 से मार्च 2026 तक की अवधि के लिए 2.45 करोड़ रुपए की कटौती नहीं की गई।
- ई-वेइंग स्केल और स्कैनर प्रोजेक्ट में फर्जीवाड़ा: दुकानों पर ई-वेइंग स्केल और आईरिस स्कैनर का पोस मशीन से एकीकरण (Integration) हुए बिना ही 30% यानी 18.84 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा हेल्पडेस्क रिपोर्ट के बिना भी 1.54 करोड़ रुपए दिए गए।
वेंडर्स और कार्यादेश की स्थिति
दिसंबर 2021 में मैसर्स बालाजी इन्फोल्यूब और मैसर्स कॉम्पेक्ट कम्प्यूटर्स एंड पेरिफेरल्स को कुल लगभग 195 करोड़ रुपए के कार्यादेश (Work Orders) जारी किए गए थे, जिसके मुकाबले कंपनियों को करीब 156 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इसमें से लगभग 119 करोड़ रुपए के भुगतान पर गंभीर सवाल उठे हैं। मंत्री सुमित गोदारा का कहना है कि कांग्रेसराज के दौरान हुए इस एमओयू में शर्तों का पालन नहीं किया गया और फर्में मुफ्त में पैसा उठाती रहीं। मामले में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
जांच के घेरे में आए प्रमुख आईएएस अधिकारी
जांच रिपोर्ट में जिन प्रमुख आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं, उनमें:
- अभय कुमार (तत्कालीन चेयरमैन)
- भास्कर आत्माराम सावंत (तत्कालीन चेयरमैन)
- सुबीर कुमार (तत्कालीन चेयरमैन)
- भवानी सिंह देथा (तत्कालीन चेयरमैन)
- ए.टी. पेडनेकर (तत्कालीन चेयरमैन)
- वी.पी. सिंह (तत्कालीन एमडी)
- राजेंद्र वर्मा (तत्कालीन एमडी/अधिकारी)
इसके अलावा राजेंद्र विजय, पी.सी. जैन, श्रीराम बिजारनिया, रविंदर जैन, अंकुर सिंघल, बिरजू कोली सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं।