5.4 किलो एमडी, कीमत 1.62 करोड़! रक्षाबंधन पर ANTF का बड़ा वार, जयपुर को रेव पार्टी का अड्डा बनाने की साजिश नाकाम

जयपुर। रक्षाबंधन के पर्व पर जब प्रदेशभर में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही थीं, उसी दौरान राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर को सिंथेटिक ड्रग की रेव पार्टियों का ठिकाना बनाने की कथित साजिश पर बड़ा प्रहार किया। ANTF ने नागौर जिले में कार्रवाई कर 5 किलो 400 ग्राम अवैध MD (मेथामफेटामाइन) बरामद की है। बरामद ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपये आंकी गई है।

कार्रवाई के दौरान TUV-300 कार जब्त की गई, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि नशे की यह खेप नागौर के धुड़िला गांव के पास उपलब्ध कराई गई थी और इसके बाद इसे कार के जरिए जयपुर पहुंचाया जाना था।

नागौर से जयपुर तक ANTF ने किया पीछा

ANTF को सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में MD ड्रग की खेप जयपुर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने नागौर से ही संदिग्ध वाहन की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। एजेंसी को आशंका थी कि ड्रग की खेप जयपुर पहुंचने के बाद अलग-अलग पार्टियों और संभावित ग्राहकों तक सप्लाई की जानी थी।

टीम ने रणनीति बनाकर वाहन को जयपुर पहुंचने से पहले ही रोकने की योजना तैयार की। इसके तहत ग्राम डांगली में भारी-जोड़ा जाने वाली सड़क पर नाकाबंदी की गई।

इसी दौरान RJ21UC2898 नंबर की TUV-300 कार आती दिखाई दी। ANTF टीम ने वाहन को रुकवाया। कार रोकते ही चालक सीट पर बैठा युवक घबराने लगा, जिससे टीम का शक और गहरा गया। संदिग्ध सामग्री की आशंका के चलते स्थानीय पुलिस से संपर्क कर नियमानुसार तलाशी की कार्रवाई कराई गई।

सीट के नीचे छिपाकर रखी थी करोड़ों की MD

कार की तलाशी के दौरान खाली सीट के नीचे एक सफेद प्लास्टिक का कट्टा मिला। कट्टे को खोलने पर उसमें सफेद पॉलीथिन की कई थैलियां मिलीं।

जांच करने पर इन थैलियों में MD ड्रग होने की पुष्टि हुई। कुल बरामद मात्रा 5 किलो 400 ग्राम बताई गई है। पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही TUV-300 कार को भी जब्त कर लिया।

बरामद MD की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.62 करोड़ रुपये बताई गई है।

नाबालिग को बनाया कैरियर, सोशल मीडिया के जरिए संपर्क

जांच में यह बात सामने आई कि तस्करी के इस नेटवर्क में एक विधि से संघर्षरत बालक को कैरियर के तौर पर इस्तेमाल किया गया। पूछताछ के मुताबिक बालक को MD की खेप सालासर/मालास, थाना मेड़तारोड़, जिला नागौर क्षेत्र से मिली थी।

बताया गया कि वहां सक्रिय तस्कर ने सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन एप के जरिए बालक से संपर्क किया था। उसे सड़क के रास्ते धुड़िला गांव की ओर आने के लिए कहा गया

बालक जब धुड़िला गांव के पास पहुंचा तो कथित तौर पर तस्कर ने उससे मुलाकात की और MD की खेप उसके हवाले कर दी। इसके बाद बालक नशीला पदार्थ लेकर जयपुर की ओर रवाना हुआ, लेकिन ANTF की नाकाबंदी के चलते जयपुर पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया।

मोबाइल फोन से सामने आए 16 लाख के लेनदेन के सुराग

कार्रवाई के दौरान निरुद्ध किए गए बालक के पास से मिले मोबाइल फोन को ANTF ने जांच के लिए सुरक्षित रखा है। प्रारंभिक जांच में मोबाइल में मौजूद एक अकाउंट/खाताबुक में ‘SD MUTH’ नाम से करीब 16 लाख रुपये के लेनदेन का हिसाब-किताब मिलने की बात सामने आई है।

पूछताछ में बालक ने इस तस्कर के साथ संपर्क होने की जानकारी दी है। अब जांच एजेंसी मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल जानकारी और वित्तीय लेनदेन के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि MD की खेप कहां से लाई जा रही थी, इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और जयपुर में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

दस महीने में करीब 197 किलो MD बरामद

ANTF के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार के मुताबिक प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ANTF के गठन के करीब दस महीनों में एजेंसी ने 196.76124 किलोग्राम अवैध MD बरामद की है।

यह आंकड़ा राजस्थान में सिंथेटिक ड्रग की तस्करी के बढ़ते खतरे की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि उपलब्ध प्रेस नोट में पिछले वर्षों की तुलना में MD बरामदगी में कितनी प्रतिशत वृद्धि हुई, इसका आंकड़ा नहीं दिया गया है।

फिर भी दस महीने के भीतर करीब 197 किलो MD की बरामदगी यह संकेत देती है कि प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग की सप्लाई के लिए व्यापक नेटवर्क सक्रिय है।

कैरियर तक सीमित नहीं रहेगी जांच, सप्लायर तक पहुंचेगी ANTF

ANTF की जांच अब केवल ड्रग की बरामदगी और कैरियर तक सीमित नहीं है। एजेंसी का लक्ष्य उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है, जिसके जरिए MD की सप्लाई की जा रही थी।

जांच में मुख्य सप्लायर, रिसीवर, परिवहन में मदद करने वाले लोगों और जयपुर में ड्रग की आगे सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की पहचान की जा रही है। मोबाइल फोन में मिले लेनदेन और संपर्कों को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है।

एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद MD की खेप का अंतिम गंतव्य क्या था और इसके पीछे कितने लोग काम कर रहे थे।

नाबालिगों को कैरियर बनाने की रणनीति पर भी सवाल

इस कार्रवाई ने ड्रग तस्करी के बदलते तौर-तरीकों को भी उजागर किया है। तस्करों द्वारा कथित तौर पर सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन एप के जरिए संपर्क कर नाबालिग को ड्रग कैरियर के रूप में इस्तेमाल करना जांच का अहम पहलू बन गया है।

नागौर से जयपुर तक पहुंचाई जा रही 5.4 किलो MD यदि बाजार में पहुंच जाती तो इसकी बड़ी मात्रा में सप्लाई की संभावना थी। ANTF की कार्रवाई से यह खेप जयपुर पहुंचने से पहले ही जब्त कर ली गई।

रक्षाबंधन के दिन हुई इस कार्रवाई में 1.62 करोड़ रुपये की MD जब्त होने के साथ एक संभावित बड़े सप्लाई नेटवर्क का सुराग भी जांच एजेंसी के हाथ लगा है। अब निगाह इस बात पर है कि मोबाइल और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सुराग ANTF को इस नेटवर्क के कितने बड़े चेहरों तक पहुंचाते हैं।


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