ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने और पेयजल सेवाओं को निरंतर, विश्वसनीय एवं टिकाऊ बनाए रखने के उद्देश्य से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने गांवों के साथ सीधे संवाद की पहल को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत राजधानी जयपुर के जल भवन में राज्य स्तरीय ‘राजस्थान पेयजल संवाद’ के द्वितीय संस्करण का आयोजन किया गया। इस बार संवाद का मुख्य विषय ‘सतत ग्रामीण पेयजल सेवाओं में समुदाय की भागीदारी’ निर्धारित किया गया था।
जमीनी हकीकत और सीधा संवाद

कार्यक्रम के दौरान राज्य के चार प्रमुख जिलों—अलवर (ग्राम पंचायत फिरोजपुर), जोधपुर (ग्राम पंचायत मोगड़ा), बीकानेर (ग्राम पंचायत फुलासर) और कोटा (ग्राम पंचायत दीगोद) के गांवों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद स्थापित किया गया। इन ग्राम पंचायतों के सरपंचों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों, आशा सहयोगिनियों, हैंडपम्प मिस्त्रियों, पम्प ऑपरेटरों और एफटीके प्रशिक्षित व्यक्तियों ने पेयजल योजनाओं के संचालन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। ग्रामीणों ने बताया कि घर-घर नियमित नल से जल पहुंचने से विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाने की पुरानी समस्या से बड़ी राहत मिली है।
जल प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी पर मंथन
बीकानेर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव हेमन्त कुमार गेरा ने कहा कि ‘राजस्थान पेयजल संवाद’ विभाग और ग्रामीण समुदाय के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने भू-जल स्तर में लगातार हो रही गिरावट पर चिंता जताते हुए जल के विवेकपूर्ण और जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत निर्मित जल संरचनाओं के रख-रखाव के लिए आवश्यक कार्य ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत करवाए जा सकते हैं, जिसके लिए ग्राम पंचायतों को वार्षिक एक्शन प्लान में प्रस्ताव शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक राजन विशाल ने प्रतापगढ़ जिले की कोटड़ी ग्राम पंचायत की जल वितरण व्यवस्था की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग और समिति की सक्रिय भूमिका से पिछले चार वर्षों से वहां प्रत्येक घर तक नियमित पेयजल आपूर्ति हो रही है। ऐसे सफल मॉडलों को प्रदेशभर में अपनाने की आवश्यकता है।

हर माह होगी समीक्षा
विभाग द्वारा यह तय किया गया है कि अब ‘राजस्थान पेयजल संवाद’ का आयोजन प्रत्येक माह किया जाएगा, जिससे ग्रामीण स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। इस कार्यक्रम में प्रमुख अभियंता नीरज माथुर, राज सिंह चौधरी और भवानी सिंह शेखावत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।