जयपुर: राजधानी जयपुर में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली के खिलाफ ठेकेदारों का गुस्सा अब सड़कों और दीवारों पर उतर आया है। PWD बिल्डिंग की लिफ्ट, पार्किंग और दीवारों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) प्रवीण गुप्ता को हटाने की मांग को लेकर सनसनीखेज पोस्टर चस्पा किए गए हैं, जिन पर “प्रवीण गुप्ता भगाओ, PWD राजस्थान बचाओ” के नारे लिखे हैं। भुगतान अटकने और विभागीय मनमानी के इस गंभीर मुद्दे पर वर्क्स कांट्रेक्टर एसोसिएशन, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रामसिंह शेखावत ने ‘Expose Now’ के साथ खास बातचीत में कई बड़े खुलासे किए हैं।

Expose Now: राम सिंह जी, आपके द्वारा PWD कार्यालयों और स्थानों पर जो पोस्टर लगाए गए हैं, उनके माध्यम से आप क्या कहना चाह रहे हैं?
राम सिंह शेखावत: मैडम, विभाग में ACS प्रवीन गुप्ता को आए हुए करीब दो साल हो चुके हैं (2 या 3 जुलाई 2024 को इन्होंने ज्वाइन किया था)। तब से लेकर अब तक लगभग 5-6 बार बड़े आंदोलन हो चुके हैं और 150 से 200 दिन तक हड़तालें रहीं हैं। इतने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के पास यदि फाइलें 6-6 महीने तक यूं ही पड़ी रहें, तो इसका क्या मतलब निकाला जाए?
Expose Now: क्या आप यह कहना चाहते हैं कि सिर्फ आप लोगों से जुड़ा मामला ही लटकाया जा रहा है, या यह एक व्यापक समस्या है?
राम सिंह शेखावत: यह एक कॉमन और बड़ा इश्यू है। जो बड़े प्रोजेक्ट्स 15 करोड़ रुपए से ऊपर के होते हैं, उनके अतिरिक्त एक्सेस आइटम्स के अप्रूवल के लिए फाइलें मंत्री स्तर तक जाती हैं। इसके बाद जो अमाउंट बचता है, उसकी दोबारा अप्रूवल के लिए फाइलें इन्हीं अधिकारियों के पास जाती हैं, और वे अप्रूवल तभी आगे बढ़ते हैं जब संबंधित व्यक्ति या तो उनसे मिल ले या उनका तय हिस्सा उन तक पहुंच जाए।

Expose Now: मंत्री दिया कुमारी के विभाग में ऐसी स्थिति आने और पोस्टर्स लगाने की नौबत क्यों आई?
राम सिंह शेखावत: आज की तारीख में हाल यह है कि ये अधिकारी किसी की भी नहीं सुन रहे हैं—न मंत्री की और न किसी अन्य की। वे इतने पावरफुल हो चुके हैं कि किसी की परवाह नहीं करते। लेकिन इनके इस रसूख के पीछे की असली वजह भी जल्द सामने आ जाएगी।
Expose Now: क्या मौजूदा व्यवस्था में कई जगहों पर मंत्री अपने ही विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के आगे बेबस नजर आते हैं?
राम सिंह शेखावत: मैडम, बिल्कुल वैसी ही स्थिति यहां बनी हुई है। इतनी शिकायतें और मीडिया में खबरें आने के बाद भी इस अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
Expose Now: ठेकेदार संघ का आगामी विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या प्लान है?
राम सिंह शेखावत: 15 अगस्त के बाद हम संविधान के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से सरकार को संदेश देंगे कि यदि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को नहीं हटाया गया, तो इसके राजनीतिक परिणाम सरकार को चुनाव में भुगतने होंगे।
Expose Now: राज्य सरकार तो ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा करती है, आप इसे कैसे देखते हैं?
राम सिंह शेखावत: कौन सी जीरो टॉलरेंस मैडम? यदि सरकार सख्त होती, तो आज जमीनी हालात ऐसे नहीं होते। विकास कार्य ठप पड़े हैं, सड़कें खस्ताहाल हैं और जनता परेशान है। एक साल पहले ‘क्वालिटी कंट्रोल’ के नाम पर यात्राएं निकाली गई थीं, बड़ी कमियां पकड़ी गईं, लेकिन सब कुछ फाइलों में दबा दिया गया।
Expose Now: अंत में आप क्या कहना चाहेंगे?
सरकार जितनी जल्दी इस बात को समझे, उतना अच्छा है। नही, तो आगे परिणाम अच्छा नहीं होगा।
