राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की सीकर इकाई ने नीमकाथाना से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ACB टीम ने न्यायालय एसीजेएम नंबर-1, नीमकाथाना में तैनात सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए कथित तौर पर रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को जयपुर रेलवे स्टेशन के पास रिश्वत की पहली किश्त लेते समय पकड़ा गया।
3.25 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप
ACB के अनुसार, परिवादी ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नीमकाथाना जेल में बंद परिवादी के पुत्र के खिलाफ न्यायालय में एक संगठित गिरोह से संबंधित मामला विचाराधीन है। इसी प्रकरण में कथित तौर पर आरोपी सहायक निदेशक अभियोजन द्वारा परिवादी से रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(4) और 308 को हटाने, अभियोजन पक्ष की पैरवी को कमजोर करने और आरोपी पक्ष के अधिवक्ता के खिलाफ प्रभावी पैरवी नहीं करने के बदले 3 लाख 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने का आरोप है।
शिकायत के सत्यापन के बाद 3 लाख रुपए में सौदा तय
मामले की शिकायत मिलने के बाद ACB ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की रकम को लेकर बातचीत हुई और कथित तौर पर 3 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपए देना तय किया गया।
ACB टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार रिश्वत की पहली किश्त लेने के लिए आरोपी जयपुर पहुंचा।
जयपुर रेलवे स्टेशन के पास रिश्वत लेते दबोचा
ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए जयपुर रेलवे स्टेशन के पास 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते समय कौशल सिंह राठौड़ को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान ACB ने रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
ACB के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। मामले में आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ACB अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई ACB जयपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण में की गई। ट्रैप कार्रवाई को सीकर ACB इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार और पुलिस निरीक्षक सुभाष मील की टीम ने अंजाम दिया।
वहीं, ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के पर्यवेक्षण में आरोपी से पूछताछ और मामले की आगे की कार्रवाई जारी है।
संगठित गिरोह से जुड़े मामले में कार्रवाई का आरोप
ACB की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रिश्वत की कथित मांग नीमकाथाना जेल में बंद एक व्यक्ति के बेटे के खिलाफ चल रहे संगठित गिरोह से जुड़े मामले में कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए की गई थी। आरोप है कि मुकदमे में कुछ धाराओं को हटाने और अभियोजन पक्ष की कार्रवाई को कमजोर करने के एवज में रकम मांगी गई थी।
हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर ACB की विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल ACB ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण की जांच जारी है।
ACB की लगातार कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में हड़कंप
राजस्थान में ACB लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में ट्रैप कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।
नीमकाथाना से जुड़े इस मामले में भी ACB ने शिकायत मिलने के बाद पहले उसका सत्यापन किया और इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित रिश्वत मांगने और लेने के मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं और इस प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं।
नोट: आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। यह खबर ACB की कार्रवाई और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।
