सवाईमाधोपुर: खंडार उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुरेड़ी के हल्का पटवारी पप्पू कोली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वे नामांतरण (Mutation) के बदले एक किसान से रिश्वत की राशि लेते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
36 हजार की मांग, 15 हजार में सौदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक किसान अपनी 12 बीघा कृषि भूमि का नामांतरण करवाने के लिए पिछले काफी समय से पटवारी कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि पटवारी ने नामांतरण के एवज में 3,000 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से कुल 36,000 रुपये की मांग की थी। लंबी बातचीत और मोलभाव के बाद यह सौदा 15,000 रुपये में तय हुआ। वीडियो में पटवारी को रक़म लेते हुए साफ देखा जा सकता है, जिससे स्पष्ट है कि सरकारी कार्यों के लिए आम आदमी को किस हद तक आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आक्रोश: बिना रिश्वत नहीं होता एक भी काम
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कुरेड़ी पंचायत में राजस्व कार्यों के लिए पटवारी द्वारा खुलेआम रिश्वत मांगी जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, नामांतरण जैसे सामान्य कार्य भी बिना सुविधा शुल्क दिए नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी गौरी शंकर ने तो यहाँ तक दावा किया कि उन्होंने इससे पहले भी इस पटवारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
क्या बोले जिम्मेदार?
जब इस वायरल वीडियो के संबंध में पटवारी पप्पू कोली से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई और वीडियो के बारे में कुछ भी जानकारी होने से इनकार कर दिया। वहीं, इस भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए अब स्थानीय किसान और ग्रामीण उच्च अधिकारियों से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थितियां बेहद चिंताजनक हैं।
